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'US को सबसे अमीर देश बनाएगा टैरिफ, देशों से बातचीत में ताकत देगा', सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'यदि हम सुप्रीम कोर्ट का मामला जीत जाते हैं, तो हम दुनिया के किसी भी देश से कहीं ज्यादा अमीर देश होंगे। हमारे पास बातचीत करने की जबरदस्त ताकत होगी। टैरिफ का इस्तेमाल करके, मैंने सात युद्ध खत्म किए। उनमें से चार तो मैंने टैरिफ लगाने की वजह से खत्म किए।'

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। तस्वीर-AP

Photo : AP

Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि टैरिफ मामले में सुप्रीम कोर्ट में यदि उनकी जीत हुई तो यह यूएस को दुनिया का सबसे अमीर देश बनाएगा। यही नहीं टैरिफ देशों के साथ बातचीत में यह वाशिंगटन को बहुत ज्यादा ताकत देगा। ट्रंप ने यह बात ब्रिटेन की यात्रा पर रवाना होने से पहले पत्रकारों के साथ बातचीत में कही। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर दुनिया को संघर्षों को खत्म कराने में अपने टैरिफ की भूमिका का जिक्र किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'यदि हम सुप्रीम कोर्ट का मामला जीत जाते हैं, तो हम दुनिया के किसी भी देश से कहीं ज्यादा अमीर देश होंगे। हमारे पास बातचीत करने की जबरदस्त ताकत होगी। टैरिफ का इस्तेमाल करके, मैंने सात युद्ध खत्म किए। उनमें से चार तो मैंने टैरिफ लगाने की वजह से खत्म किए।'

निचली अदालत ने आयात करों को अवैध बताया

ट्रंप अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में उस मामले का जिक्र कर रहे थे जिसमें उनकी प्रशासन की ओर से लगाए गए कई आयात करों को निचली अदालत ने अवैध करार दिया था और उसे पलटने की कोशिश की जा रही है। इनमें 2 अप्रैल को घोषित 'लिबरेशन डे' टैरिफ के साथ-साथ चीन और भारत पर लगाए गए टैरिफ भी शामिल हैं।

फैसला आने तक टैरिफ प्रभावी रहेंगे

सीएनएन के अनुसार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ट्रंप की व्यापक वैश्विक टैरिफ नीति को चुनौती देने वाले एक मामले की सुनवाई के लिए सहमति दी है, जो उनकी आर्थिक नीति का एक अहम हिस्सा थी। कोर्ट के फैसले आने तक ये टैरिफ प्रभावी रहेंगे। यह मामला एक बड़े आर्थिक मुद्दे को रूढ़िवादी झुकाव वाले सुप्रीम कोर्ट के सामने लाता है। यह सवाल है कि क्या राष्ट्रपति बिना अमेरिकी कांग्रेस की स्पष्ट अनुमति के आपातकालीन टैरिफ लगा सकते हैं।

संघीय अपीलीय कोर्ट ने कई टैरिफ रद्द किए

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इस मामले में नवंबर के पहले हफ्ते में मौखिक दलीलें सुनेगा। आमतौर पर फैसले जून के अंत तक दिए जाते हैं, लेकिन कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में प्रक्रिया को तेज करेगा। यह तब सामने आया जब अगस्त में एक संघीय अपीलीय अदालत ने उनकी प्रशासन के कई टैरिफ को रद्द कर दिया था, यह कहते हुए कि उन्होंने आयात शुल्क लगाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर अपने अधिकार का अतिक्रमण किया है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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