नए दोस्त बनाने से लगता है डर? जानिए 'अपने लोगों' को ढूंढने के 5 आसान तरीके

बढ़ती उम्र के साथ नए दोस्त बनाना कई बार मुश्किल लगता है। कई बार हम खुद भी नहीं चाहते। कई बार तो रिजेक्शन का डर, झिझक और खुद पर शक के कारण भी नए लोगों से जुड़ने में हिचकिचाहट होती है।

Authored by: Suneet SinghUpdated Sep 9 2026, 12:15 IST
क्या कहते हैं रिलेशनशिप थेरेपिस्ट्स?Image Credit : Istock01 / 07

क्या कहते हैं रिलेशनशिप थेरेपिस्ट्स?

रिलेशनशिप थेरेपिस्ट्स के अनुसार, यह डर पूरी तरह से सामान्य है, लेकिन सही मानसिक दृष्टिकोण अपनाकर आप अपने विचार और पसंद से मेल खाने वाले दोस्तों को ढूंढ सकते हैं। इसके लिए थेरेपिस्ट्स 5 उपाय बताते हैं:

​खुद को सही जगह पर रखें​Image Credit : Istock02 / 07

​खुद को सही जगह पर रखें​

अपने पसंदीदा शौक, क्लास या कम्युनिटी ग्रुप्स का हिस्सा बनें। जब आप अपनी रुचि वाली गतिविधियों में भाग लेते हैं, तो समान सोच वाले लोगों से मिलना आसान हो जाता है।

​खुद को साबित करने का दबाव न लें​Image Credit : Istock03 / 07

​खुद को साबित करने का दबाव न लें​

नए लोगों से मिलते समय यह सोचने के बजाय कि क्या वे मुझे पसंद करेंगे? यह सोचें कि क्या मुझे उनके साथ वक्त बिताना अच्छा लग रहा है?

​छोटी बातचीत से शुरुआत करें​Image Credit : Istock04 / 07

​छोटी बातचीत से शुरुआत करें​

दोस्ती की शुरुआत एक दिन में नहीं होती। हल्की बातचीत, एक मुस्कान या किसी तारीफ से कनेक्शन बनाना शुरू करें।

​असुरक्षा और झिझक स्वीकार करें​Image Credit : Istock05 / 07

​असुरक्षा और झिझक स्वीकार करें​

यह समझें कि रिजेक्शन का डर सिर्फ आपको नहीं, बल्कि सामने वाले इंसान को भी हो सकता है। अपनी झिझक को स्वीकार करने से बातचीत में सहजता आती है।

​निरंतरता बनाए रखें​Image Credit : Istock06 / 07

​निरंतरता बनाए रखें​

एक बार मिलने के बाद संपर्क खत्म न होने दें। मैसेज करना, हाल-चाल पूछना और साथ में वक्त बिताने की योजना बनाना रिश्ते को मजबूत करता है।

​कोशिश जारी रखें​Image Credit : Istock07 / 07

​कोशिश जारी रखें​

सच्ची दोस्ती बनने में समय और धैर्य लगता है। खुद को खुलकर अभिव्यक्त करें और रिजेक्शन के डर को अपने ऊपर हावी न होने दें। जब आप सही प्रयास करेंगे, तो सही लोग खुद-ब-खुद आपकी जिंदगी का हिस्सा बन जाएंगे।

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