दरअसल, इस कार को 'पहिए पर चलता-फिरता किला' कहा जाता है। पुतिन जब भी विदेश दौरे पर जाते हैं तो उनसे पहले उनकी कार उस देश में पहुंच जाती है। ऑरस सीनेट कार लिमोजिन की ही एक वैरिएंट है लेकिन पुतिन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे खास तौर पर डिजाइन किया गया है। यहां हम इस कार की खासियतों, उसमें लगे सुरक्षा उपकरणों एवं हथियारों के बारे में जानेंगे। (तस्वीर-AP)
साल 2021 में जब पुतिन भारत दौरे पर आए थे तो उस समय भी उनके काफिले में यह कार शामिल थी। रिपोर्टों के मुताबिक साल 2013 में पुतिन ने अपने लिए एक स्वदेश निर्मित कार तैयार करने के लिए कहा। उनके इस निर्देश के बाद रूसी कॉर्टेज प्रोजेक्ट के तहत उनके लिए खास कार बननी शुरू हुई। इस कार में लग्जरी सुविधाएं तो हैं ही, सुरक्षा के लिहाज से भी यह कार बहुत ही मजबूत है। साल 2028 से इस कार उत्पादन शुरू हो गया। अब ऑरस सीनेट कार को रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक वाहन के रूप में पहचाना जाता है। (तस्वीर-AP)
इस कार की सुरक्षा के बारे में अगर बात करें तो सीनेट की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा गया है कि 'ऑरस सीटने लिमोजिन VR8/VR10 स्तर का बैलेस्टिक सुरक्षा प्रदान करती है।' इस बैलिस्टिक मानक को कार की सुरक्षा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का माना जाता है। यह एक तरह से ऑर्मर्ड वेहिकल की तरह है जिसे गोला-बारूद और विस्फोट से भेद पाना असंभव सा है। (तस्वीर-AP)
यही नहीं, यह कार केमिकल एवं जैविक हमला झेलने में सक्षम है। केमिकल हमला होने पर कार में ऐसे उपकरण लगे हैं जो हवा को फिल्टर करना शुरू कर देते हैं और कार के अंदर केवल शुद्ध ऑक्सीजन ही प्रवेश करता है। बातचीत के लिए कार में विशेष कम्यूनिकेशन और आपात स्थिति में उससे बाहर निकलने के लिए बचाव सिस्टम लगा है। दुनिया में सुरक्षा के लिहाज से जितनी भी बेहतरीन एवं टॉप कारें हैं ऑरस की गिनती उनमें होती है। वैश्विक स्तर पर इसकी सुरक्षा रेटिंग भी बहुत ज्यादा है। पुतिन की यह कार साढ़ें पांच मीटर से ज्यादा लंबी और दो मीटर चौड़ी है। (तस्वीर-Aurus Senat website)
अपनी टॉप स्पीड में यह कार करीब 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलती है। अंदर से यह कार से ज्यादा एक प्राइवेज लाउंज की तरह दिखती है। इसकी सीट पर बेहतरीन लेदर और केबिन पर खूबसूरत लकड़ी के पैनल लगे हैं। कार के पिछले हिस्से में टीवी स्क्रीन, कंट्रोल्स और निजता बनाए रखने के लिए साज-सज्जा होती है। (तस्वीर-Aurus Senat website)
अपने भारी-भरकम आकार के बावजूद यह कार जरूरत पड़ने पर तेजी के साथ मुड़ती है। इसका इंजन भी काफी मजबूत है। इसमें हाइब्रिड सिस्टम वाला 4.4 लीटर ट्विन-टर्बो V8 इंजन लगा है। यह इंजन इतना शक्तिशाली है कि मात्र छह से नौ सेकेंड में यह कार की रफ्तार जीरो से 100 किलोमीटर प्रतिघंटे पहुंचा देता है। (तस्वीर- Aurus Senat website)
कहा जाता है कि इस कार पर हैंड ग्रेनेड का भी असर नहीं होता। इस कार की बॉडी और विंडो को पूरी तरह से बूलेटप्रूफ बनाया गया है। कार के भीतरी हिस्से को विस्फोट को बर्दाश्त करने लायक बनाया गया है। हमले या किसी दुर्घटना में कार के टायरों को यदि नुकसान भी पहुंचता है तो भी यह कार रुकती नहीं है। यहां तक कि कार का ईंधन टैंक का बाहरी हिस्सा इतना कठोर है कि उस पर ब्लास्ट का असर नहीं होता। (तस्वीर-Aurus Senat website)