हवाई जहाज के इंजन पर क्यों फेंके जाते हैं मुर्गे? इसके पीछे की वजह आपको कर देगी हैरान

हवाई जहाज के इंजन पर मुर्गे (Chicken) फेंके जाते हैं यह सुनकर आप चौंक गए होंगे पर यह सच है।असल में यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा परीक्षण है। इसे चिकन गन टेस्ट' या 'बर्ड स्ट्राइक टेस्ट' (What is Bird Strike Test) कहा जाता है। हवाई जहाज़ वास्तविक उड़ानों में अक्सर पक्षियों से टकराते हैं और अगर पक्षी इंजन में चला जाए तो इंजन बंद हो सकता है, ब्लेड टूट सकते हैं, धमाका हो सकता है और पूरा विमान खतरे में पड़ सकता है। इसलिए असली उड़ान से पहले, इंजनों की क्षमता जांचने के लिए मुर्दा मुर्गों या 'सिंथेटिक फेक बर्ड' को तेज गति से इंजन पर फेंका जाता है। हवाई जहाज उड़ते समय असली पक्षियों के टकराने (Bird Strike) से इंजन और विंडशील्ड को कितना नुकसान होगा, यह जांचना जरूरी होता है इसलिए ही ऐसा किया जाता है।

Authored by: रवि वैश्यUpdated Dec 12 2025, 20:36 IST
हवाई जहाज के इंजन पर मुर्गे क्यों फेंके जाते हैं? Why are Chicken thrown on Airplane?Image Credit : Canva01 / 07

हवाई जहाज के इंजन पर मुर्गे क्यों फेंके जाते हैं? Why are Chicken thrown on Airplane?

किसी पक्षी के एरोप्‍लेन के फ्लाई विंग्‍स या पंखे से टकराने पर हादसा होने का डर बना रहता है। इस आशंका को खत्म करने के लिए प्लेन का इंजन स्टार्ट करके उसमें मुर्गे फेंके जाते हैं। और देखा जाता है कि लैंडिंग या टेकऑफ के वक्त कोई पक्षी जहाज से टकराए तो जहाज को नुकसान न हो। ​यह 'चिकन गन टेस्ट' या 'बर्ड स्ट्राइक टेस्ट' कहलाता है। हवाई जहाज के इंजन पर मुर्गे इसलिए फेंके जाते हैं क्योंकि ये टेस्ट साबित करता है कि इंजन असली उड़ान में पक्षी टकराने पर भी सुरक्षित रहेगा।​

हवाई जहाज पर असली पक्षियों के टकराने से कितना नुकसान? Real Bird Strikes Damage on Airplanes?​Image Credit : Canva02 / 07

हवाई जहाज पर असली पक्षियों के टकराने से कितना नुकसान? Real Bird Strikes Damage on Airplanes?​

हवाई जहाज उड़ते समय असली पक्षियों के टकराने (Bird Strike) से इंजन और विंडशील्ड को कितना नुकसान होगा, यह जांचना जरूरी होता है।

​मुर्गों को एक विशेष मशीन से तेज गति पर फेंकते हैंImage Credit : Canva03 / 07

​मुर्गों को एक विशेष मशीन से तेज गति पर फेंकते हैं

इंजनों और ग्लास को टेस्ट करने के लिए मृत मुर्गों या सिंथेटिक पक्षियों को एक विशेष मशीन से तेज़ गति पर फेंका जाता है, ताकि यह पता चले कि विंडशील्ड तड़कती है या टूट जाती है साथ ही इंजन के अंदर के ब्लेड कितनी ऊर्जा सहन कर सकते हैं।

​हवाई जहाज को दुर्घटना से बचने के लिए होता है इस्तेमालImage Credit : Canva04 / 07

​हवाई जहाज को दुर्घटना से बचने के लिए होता है इस्तेमाल

इंजन पक्षी को चूसकर भी चलता रह सकता है या नही, विंडशील्ड तड़कती है या टूट जाती है साथ ही इंजन के अंदर के ब्लेड कितनी ऊर्जा सहन कर सकते हैं, यह सब इसमें जांचा जाता है

'चिकन गन टेस्ट' क्यों है जरूरी? Why is the Chicken Gun Test Necessary?Image Credit : Canva05 / 07

'चिकन गन टेस्ट' क्यों है जरूरी? Why is the Chicken Gun Test Necessary?

चिकन गन टेस्ट टेस्ट इसलिए किया जाता है क्योंकि असली उड़ान में हर साल हजारों बर्ड स्ट्राइक होते हैं। इससे कोई नुकसान ना हो इस आशांका को खत्म करने के लिए ऐसा किया जाता है।

​कैसे किया जाता है 'चिकन गन टेस्ट' ? How is the 'Chicken Gun Test' Done?​Image Credit : Canva06 / 07

​कैसे किया जाता है 'चिकन गन टेस्ट' ? How is the 'Chicken Gun Test' Done?​

इसे चिकन गन या पोल्ट्री कैनन से किया जाता है इसके लिए मुर्गे को न्यूमैटिक या एयर कैनन में रखा जाता है। फिर 300–500 किमी/घंटा तक की गति से इंजन के घूमते ब्लेडों पर फेंका जाता है। उसके बाद मापा जाता है कि ब्लेड टूटे या नहीं? इंजन ने कितना झटका सहा आदि? बता दें कि छोटे पक्षियों से मामूली नुकसान होता है पर बड़े पक्षियों से इंजन फेल भी हो सकता है।

​यह टेस्ट इस बात को प्रमाणित करता कि उड़ान सुरक्षित रहेगी​Image Credit : Canva07 / 07

​यह टेस्ट इस बात को प्रमाणित करता कि उड़ान सुरक्षित रहेगी​

इंजन FAA/EASA सुरक्षा मानकों को पूरा करता है। बड़े व तेज पक्षी टकराने पर भी इंजन धमाके से नहीं टूटेगा। उड़ान सुरक्षित रहेगी। ज्यादातर जगह मृत मुर्गे और सिंथेटिक बायो-जेल 'फेक बर्ड' का उपयोग होता है।

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