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EPFO ने निष्क्र‍िय पड़े 1.18 लाख खातों की जांच पूरी, अब बैंक खाते में वापस आएगा PF का पैसा

EPFO ने निष्क्रिय पड़े 1.18 लाख खातों की जांच पूरी कर ली है। अगस्त के बाद से इन खातों में पैसे जमा करने की शुरुआत हो सकती है।

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ईपीएफओ

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने निष्क्र‍िय पड़े 1.18 लाख खातों की जांच पूर कर ली है। 'द हिंदू बिजनेसलाइन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, लेबर मिनिस्ट्री ने एक पायलट रिफंड प्रोग्राम के तहत 1.18 लाख इनएक्टिव (निष्क्रिय) अकाउंट्स की पहचान और वेरिफिकेशन किया है। इससे एक लाख से ज्यादा EPFO सब्सक्राइबर्स को लंबे समय से बिना दावे वाले प्रोविडेंट फंड का बैलेंस अपने-आप मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

₹1,000 या उससे कम का बैलेंस होगा ट्रांसफर

इस पायलट प्रोग्राम में 7.11 लाख इनएक्टिव EPFO अकाउंट्स शामिल हैं, जिनमें ₹1,000 या उससे कम का बैलेंस है और कुल ₹30.52 करोड़ की रकम बिना दावे के पड़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, EPFO ने 1.18 लाख सब्सक्राइबर्स के अकाउंट की जानकारी वेरिफाई कर ली है और उन्हें उनके एक्टिव बैंक अकाउंट्स से जोड़ दिया है। रिफंड शुरू करने की दिशा में यह एक अहम कदम है।

पात्र सब्सक्राइबर्स को अपना प्रोविडेंट फंड का बकाया (जिसमें लागू ब्याज भी शामिल है) पाने के लिए कोई एप्लीकेशन या क्लेम जमा करने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय, जरूरी टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म तैयार होने के बाद रिफंड की रकम सीधे उनके बैंक अकाउंट्स में जमा कर दी जाएगी।

सॉफ्टवेयर में बदलाव किए जा रहे हैं

बिजनेसलाइन के अनुसार, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) को EPFO के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को अपग्रेड करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि पेंडिंग बैलेंस को अपने-आप क्रेडिट किया जा सके।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह चल रही प्रक्रिया EPFO 2.01 सुधार कार्यक्रम का हिस्सा है और यह यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) फ्रेमवर्क पर आधारित है, जिसे हर सब्सक्राइबर को एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर देने के लिए शुरू किया गया था। वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान, EPFO ने आधार से जुड़े निष्क्रिय (dormant) अकाउंट्स के लिए "पेनी ड्रॉप" प्रक्रिया अपनाई, बैंक अकाउंट की अपडेटेड जानकारी हासिल की और उन अकाउंट होल्डर्स की पहचान की जिनकी मृत्यु हो चुकी है।

हालांकि संगठन ने जरूरी सब्सक्राइबर डेटा निकाल लिया है, लेकिन ऑटोमैटिक पेमेंट प्रोसेस करने के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर में बदलाव अभी भी डेवलप किए जा रहे हैं। एक अहम बदलाव में "सिस्टम-जनरेटेड क्लेम" फीचर बनाना शामिल है। मौजूदा EPFO सिस्टम सिर्फ सदस्यों द्वारा सबमिट किए गए क्लेम को प्रोसेस करता है, जबकि प्रस्तावित सिस्टम योग्य सब्सक्राइबर्स की तरफ़ से किसी भी कार्रवाई की जरूरत के बिना अपने-आप पेमेंट शुरू कर देगा।

10,903 करोड़ की राशि निष्क्रिय खातों में पड़ी

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले दो दशकों में 31.86 लाख निष्क्रिय EPFO खातों में लगभग ₹10,903 करोड़ की राशि बिना दावे के पड़ी है।

अगस्त के बाद रिफंड शुरू हो जाएगा

श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने 23 फरवरी 2026 को ₹1,000 तक की शेष राशि वाले निष्क्रिय EPF खातों के लिए पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी।

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन का काम अगस्त के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद ऑटोमैटिक रिफंड शुरू हो सकते हैं। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो मंत्रालय इस पहल को बाकी बचे उन 24.76 लाख इनएक्टिव EPFO सब्सक्राइबर्स तक भी बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिनके अकाउंट में ₹1,000 से ज्यादा बैलेंस है।

देश के सबसे बड़े सोशल सिक्योरिटी संगठनों में से एक, EPFO ने प्रोविडेंट फंड से जुड़ी सेवाओं को आसान बनाने के लिए डिजिटल प्रोसेस पर तेजी की है। इन सेवाओं में ऑनलाइन क्लेम, UAN-बेस्ड अकाउंट पोर्टेबिलिटी और तेजी से क्लेम सेटलमेंट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

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