World Head and Neck Cancer Day पर जानिए सिर और गर्दन के कैंसर से जुड़े वे संकेत जिन्हें अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर छोड़ देते हैं। मुंह के घाव, आवाज में बदलाव, निगलने में दिक्कत और गर्दन की गांठ जैसे लक्षणों पर ध्यान जरूरी है।
हेड और नेक कैंसर डे पर जानिए इस कैंसर के लक्षण और कारण क्या हैं। जीभ, मसूड़ों या मुंह के अंदर सफेद अथवा लाल रंग का ऐसा धब्बा जो बना रहे इस तरह के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब कैंसर होना जरूरी नहीं है, लेकिन ऐसे बदलाव की जांच कराना जरूरी होता है।
मुंह में छाला या घाव होना आम बात हो सकती है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें। खासकर बार-बार होने वाले घाव, दर्द या असामान्य बदलाव की जांच डॉक्टर या डेंटिस्ट से कराना बेहतर है।
गर्दन में बिना वजह कोई गांठ या सूजन महसूस होना भी ध्यान देने वाला संकेत है। हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन अगर यह बनी रहती है या बढ़ती नजर आती है तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
खाना या पानी निगलते समय लगातार दर्द होना, कुछ अटकने जैसा लगना या निगलने में परेशानी को सिर्फ गले की सामान्य समस्या मानकर लंबे समय तक न टालें। ऐसे लक्षण कई दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं, इसलिए जांच जरूरी है।
आवाज का लंबे समय तक भारी या कर्कश रहना, बिना किसी साफ वजह के बदलाव आना भी सिर और गर्दन से जुड़े कैंसर के संभावित संकेतों में शामिल है। अगर आवाज सामान्य नहीं हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लेना समझदारी है।
कान में दर्द, चेहरे या गर्दन में लगातार दर्द या निगलते समय कान तक दर्द पहुंचना भी कुछ सिर और गर्दन के कैंसर में देखा जा सकता है। हालांकि इसके पीछे संक्रमण जैसी सामान्य वजहें भी हो सकती हैं।
सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और दूसरे तंबाकू उत्पाद सिर और गर्दन के कैंसर के बड़े जोखिम कारकों में शामिल हैं। ज्यादा शराब का सेवन भी जोखिम बढ़ाता है, और तंबाकू के साथ शराब का इस्तेमाल खतरा और बढ़ा सकता है। कुछ कैंसर में HPV संक्रमण भी जोखिम कारक है।