दुनिया

Ukraine Russia war: यूक्रेन को अपना टैंक कौन दे, आपस में उलझ गए हैं अमेरिका और जर्मनी

  • Contributed by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 20, 2023, 01:40 PM IST

Russia Ukraine war : यूक्रेन का पूरा जोर इस बात पर है कि किसी तरह ये एडवांस टैंक उसे मिल जाएग जिससे युद्ध में वो रूस पर हावी हो सके। इसलिए जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से अपील की है कि टैंकों के दम पर रूस की एक और घुसपैठ को रोकने के लिए हमें पश्चिमी देशों के टैंकों की जरूरत है।

Image

रूस से लड़ने के लिए नाटो का एडवांस टैंक चाहते हैं जेलेंस्की।

Russia Ukraine war : यूक्रेन को टैंक देने को लेकर नाटो के देश आपस में ही उलझ गए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तक मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन का इस्तेमाल हो चुका है। अब चर्चा ये है कि युद्ध में आधुनिक टैंक की एंट्री होने वाली है। पश्चिम देशों के एडवांस टैंक रूस के टैंकों से भिड़ने वाले हैं। ये चर्चा इसलिए तेज है क्योंकि पश्चिमी देश यूक्रेन को हथियार सप्लाई की नई खेप देने वाले हैं। हथियारों की नई खेप में सबसे ज्यादा चर्चा बैटल टैंक्स की है। इसमें जिन तीन देशों के टैंकों की चर्चा हो रही है उनके नाम हैं जर्मनी का लियोपार्ड 2, अमेरिका का एम1 अबराम्स और ब्रिटेन का टैंक चैलेंजर 2।

रूस से लड़ने के लिए एडवांस टैंक चाहता है यूक्रेन

यूक्रेन का पूरा जोर इस बात पर है कि किसी तरह ये एडवांस टैंक उसे मिल जाएग जिससे युद्ध में वो रूस पर हावी हो सके। इसलिए जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से अपील की है कि टैंकों के दम पर रूस की एक और घुसपैठ को रोकने के लिए हमें पश्चिमी देशों के टैंकों की जरूरत है। यूक्रेन के लिए ये बहुत जरूरी है। जेलेंस्की इन टैंकों को यूक्रेन के लिए बहुत जरूरी बता रहे हैं।

जर्मनी का लियोपार्ड टैंक को यूरोप का बेस्ट टैंक

जर्मनी के लियोपार्ड टैंक को यूरोप का बेस्ट टैंक माना जाता है। जर्मनी की डिफेंस कंपनी इस टैंक को 1978 से बना रही है। डेनमार्क, फिनलैंड, पोलैंड, ऑस्ट्रिया, स्वीडन, स्पेन समेत करीब 20 देश इस टैंक का इस्तेमाल करते हैं। इस टैंक को लगातार अपग्रेड किया गया है। इसका टेस्ट वर्जन Leopard 2A7V है। साल 2016 में टर्की ने इस टैंक का इस्तेमाल ISIS से लड़ने में किया था।

दुनिया का सबसे एडवांस टैंक M1 ABRAM

अमेरिका का M1 ABRAM टैंक दुनिया का सबसे एडवांस टैंक माना जाता है। इराक युद्ध, अफगानिस्तान युद्ध में इस्तेमाल किया जा चुका है। ये अमेरिकी सेना का सबसे अहम बैटल टैंक है। इस टैंक को जनरल डायनेमिक्स लैंड सिस्टम्स ने पहली बार 1978 में बनाया था। जिसके बाद समय-समय पर इसमें अपग्रेडेशन का काम किया जाता रहा है।

ब्रिटेन यूक्रेन को 14 चैलेंजर टैंक देने वाला है

ब्रिटेन यूक्रेन को 14 चैलेंजर टैंक देने वाला है ये ब्रिटेन का मेन बैटल टैंक कहा जाता है। इस टैंक के जरिए यूक्रेन को बेहतर सुरक्षा के साथ सटीक मार करने की क्षमता हासिल होगी। 1990 के आख़िर में बना ये टैंक यूक्रेन के लिए युद्ध के मैदान में सबसे आधुनिक टैंक होगा। साल 1998 में इसे ब्रिटिश सेना में शामिल किया गया और अभी इसे अपग्रेड किया जा रहा है। ये साल 2035 तक सेना में रहेगा। इराक़ युद्ध में भी इस टैंक का इस्तेमाल किया गया था।

क देने को लेकर शीत युद्ध छिड़ा

यूक्रेन को एडवांस बैटल टैंक की जरूरत है, अमेरिका और जर्मनी के पास एडवांस टैंक भी हैं लेकिन दोनों सहयोगी देशों के बीच यूक्रेन को टैंक देने को लेकर शीत युद्ध छिड़ा हुआ है। वो शीत युद्ध क्या है देखिए अमेरिका कह रहा है- हम अपने एडवांस टैंक यूक्रेन को नहीं देंगे। हम जर्मनी से कह देंगे वो अपने टैंक यूक्रेन को दे देगा। इस पर जर्मनी कह रहा है कि हम अपने टैंक यूक्रेन को तभी देंगे जब अमेरिका भी अपने टैंक यूक्रेन को देने को राजी होगा।

टैंक देने पर अमेरिका और जर्मनी में टकराव

अमेरिका और जर्मनी दोनों NATO के सदस्य हैं। दोनों एक दूसरे के करीबी सहयोगी हैं। दोनों के काफी अच्छे संबंध हैं। इसके बावजूद यूक्रेन को टैंक देने को लेकर दोनों में टकराव है। दोनों अपनी अपनी मजबूरियां गिना रहे हैं। अमेरिका कह रहा है कि हमारे पास जो टैंक हैं वो यूक्रेन के लिए मददगार साबित नहीं होंगे क्योंकि उसे चलाना बहुत मुश्किल है। ये टैंक बहुत महंगे भी हैं।

तीसरा विश्व युद्ध छिड़ने का डर

जर्मनी कह रहा है कि यूक्रेन जिस बहादूरी से लड़ रहा है उसमें वो हमारे भरोसे रह सकता है लेकिन हम ये संदेश नहीं देना चाहते कि ये युद्ध रूस और NATO देशों के बीच हो रहा है, क्योंकि इससे हालात और बिगड़ सकते हैं। जर्मनी को ये भी लग रहा कि हमें यूक्रेन को उतने ही हथियार देने चाहिए जिससे वो अपनी रक्षा कर सके। इतना ज्यादा हथियार नहीं कि वो रूस पर ही हमला कर दे क्योंकि इससे तीसरा विश्व युद्ध छिड़ जाएगा।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल author

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच ए... और देखें

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

'हां, हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई...' होर्मुज में जहाजों पर हमले को लेकर ईरान ने बंद कमरे में मानी गलती- अमेरिका का सनसनीखेज दावा

'हां, हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई...' होर्मुज में जहाजों पर हमले को लेकर ईरान ने बंद कमरे में मानी गलती- अमेरिका का सनसनीखेज दावा

'मैंने पहले ही आदेश दे दिया है...', अगर ईरान ने की ट्रंप की हत्या तो क्या होगा अंजाम? अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद ही किया खुलासा

'मैंने पहले ही आदेश दे दिया है...', अगर ईरान ने की ट्रंप की हत्या तो क्या होगा अंजाम? अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद ही किया खुलासा

Bahamas Plane Crash: बहामास में दर्दनाक विमान हादसा, 10 लोगों की मौत; फ्लेमिंगो एयर की सभी उड़ानों पर लगी रोक

Bahamas Plane Crash: बहामास में दर्दनाक विमान हादसा, 10 लोगों की मौत; फ्लेमिंगो एयर की सभी उड़ानों पर लगी रोक

क्रिस्टोफर लक्सन के साथ PM मोदी ने की प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता, बोले- भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को मिली नई ऊर्जा

क्रिस्टोफर लक्सन के साथ PM मोदी ने की प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता, बोले- भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को मिली नई ऊर्जा

'सीजफायर अब खत्म!' ट्रम्प के ऐलान के बाद खाड़ी में भड़की युद्ध की चिंगारी; होर्मुज को लेकर अमेरिका ने ईरान के सामने रखी बड़ी शर्त

'सीजफायर अब खत्म!' ट्रम्प के ऐलान के बाद खाड़ी में भड़की युद्ध की चिंगारी; होर्मुज को लेकर अमेरिका ने ईरान के सामने रखी बड़ी शर्त