Republic Day Chief Guest: आजादी के बाद जब 1950 में पहला गणतंत्र दिवस मनाया गया था, तब से ही परंपरा रही है कि देश एक विदेशी मेहमान की मेजबानी करता है। यह भारत की विदेश नीति को प्रतिबिंबित करता है। इस साल भारत ने मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सीसी को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया है।
कौन हैं अब्देल फतेह अल-सीसी
अब्देल फत्ताह अल-सिसी 8 जून 2014 को मिस्र के राष्ट्रपति बने। वह एक आम सैन्य कर्मी से लेकर सेना प्रमुख तक रह चुके हैं। जुलाई 2013 से सिसी मिस्र के वास्तविक शासक हैं, तब तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को उन्होंने पद से हटा दिया था। सीसी का जन्म 1954 में एक कट्टर इस्लामिक परिवार में हुआ था। सीसी ने 1977 में मिस्त्र की सेना को ज्वाइन किया था। यहां वो बढ़ते-बढ़ते मिलिट्री इंटेलिजेंस के प्रमुख की कुर्सी तक जा पहुंचे।
होस्नी मुबारक का विरोध
मिस्त्र में जब 2011 में होस्नी मुबारक के खिलाफ लोग प्रदर्शन करने लगे, तब से ही सीसी मजबूत होते चले गए। तब इन्हें मिस्त्र की सेना के सर्वोच्च परिषद् (SCAF) का सदस्य नामित किया गया। मुबारक के जाने के बाद SCAF ने ज्यादातर अधिकार अपने पास ले लिए थे। 2013 में सीसी ने तत्कालीन राष्ट्रपति मोर्सी को सत्ता से हटा दिया और संविधान को निलंबित कर दिया।
और बने राष्ट्रपति
सीसी 2014 में फील्ड मार्शल बने। हालांकि दो महीने बाद ही उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने की तैयारी करने लगे। इसके बाद 2017 में हुए चुनाव में सीसी जीत गए और राष्ट्रपति बन गए। हालांकि सीसी के शासन में मिस्त्र की हालत खराब रही है। मिस्त्र इस समय भयंकर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। सीसी की कोशिश है कि भारत से उन्हें ज्यादा से ज्यादा मदद मिल पाए, ताकि वो मिस्त्र की स्थिति को सही कर पाएं।
