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भारत-चीन व्यापार में तेजी: पहली तिमाही में आयात 28% बढ़ा, भारत का निर्यात भी 27.5% उछला, लेकिन व्यापार घाटा अब भी बड़ी चुनौती

आयात और निर्यात दोनों में वृद्धि के बावजूद भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा अब भी बहुत बड़ा बना हुआ है। पहली तिमाही में भारत ने चीन से 30.8 अरब डॉलर का सामान खरीदा, जबकि चीन को सिर्फ 5.6 अरब डॉलर का निर्यात किया।

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भारत चीन के बीच बढ़ रहा व्यापार।

Photo : iStock

भारत और चीन के बीच व्यापारिक गतिविधियां एक बार फिर तेज होती दिख रही हैं। भारत के वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 (अप्रैल-जून) की पहली तिमाही में भारत का चीन से आयात 30.8 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 28 फीसदी अधिक है। वहीं, चीन को भारत का निर्यात 27.5 फीसदी बढ़कर 5.6 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया।

हालांकि, आयात और निर्यात दोनों में वृद्धि के बावजूद भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा अब भी बहुत बड़ा बना हुआ है। पहली तिमाही में भारत ने चीन से 30.8 अरब डॉलर का सामान खरीदा, जबकि चीन को सिर्फ 5.6 अरब डॉलर का निर्यात किया। यानी केवल तीन महीनों में भारत का व्यापार घाटा करीब 25.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

पिछले साल कितना था व्यापार?

वृद्धि दर के आधार पर देखें तो वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-जून) की पहली तिमाही में भारत ने चीन से करीब 24.1 अरब डॉलर का आयात किया था, जबकि चीन को निर्यात लगभग 4.39 अरब डॉलर रहा था। एक साल में आयात में करीब 6.7 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। वहीं निर्यात में करीब 1.21 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है।

चीन ने इन नए आंकड़ों पर क्या कहा है?

इन आंकड़ों के साथ चीन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उसने कभी भी जानबूझकर भारत के साथ ट्रेड सरप्लस की नीति नहीं अपनाई। चीन का कहना है कि भारत द्वारा चीन से आयात किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, मशीनरी और इंटरमीडिएट गुड्स भारत के विनिर्माण क्षेत्र, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास में मदद करते हैं।

चीन ने यह भी कहा कि वह भारतीय प्रीमियम उत्पादों का अपने बाजार में स्वागत करता है। उसके अनुसार, चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बाजार है और वहां करीब 50 करोड़ मध्यम वर्गीय उपभोक्ता हैं, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात बढ़ाने के अवसर मौजूद हैं।

भारत चीन को क्या बेचता है?

भारत का चीन को होने वाला निर्यात अभी भी मुख्य रूप से कच्चे माल और प्राथमिक उत्पादों पर आधारित है। भारत चीन को मुख्य रूप से लौह अयस्क और पेलेट, पेट्रोलियम उत्पाद, समुद्री खाद्य (झींगा और मछली), कच्चा कपास और सूती धागा, जैविक रसायन, तांबा, एल्युमिनियम और अन्य धातुएं, ग्रेनाइट और अन्य प्राकृतिक पत्थर, मसाले विशेषकर लाल मिर्च, प्लास्टिक और रबर से जुड़े उत्पाद, कुछ फार्मा रसायन और कच्चा माल का निर्यात करता है।

चीन से भारत क्या खरीदता है?

वहीं चीन से भारत काफी बड़े पैमाने पर आयात करता है। भारत चीन से मुख्य रूप से उच्च तकनीक और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े उत्पाद आयात करता है। इनमें शामिल हैं जिनमें मुख्यतः मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सेमीकंडक्टर और चिप्स, मशीनरी और औद्योगिक उपकरण, टेलीकॉम उपकरण, सोलर सेल और सौर पैनल मुझे रूप से शामिल हैं।

भारत और चीन के बीच राजनीतिक और सीमा संबंधी मतभेदों के बावजूद आर्थिक रिश्ते मजबूत बने हुए हैं। हालांकि, भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह चीन को अधिक मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्यात बढ़ाए, ताकि दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार घाटे को कम किया जा सके।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तव author

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुना... और देखें

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