मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की अनुमति दे दी है। पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक राणा 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मामले में वांछित है और भारत उसके प्रत्यर्पण को लेकर अनुरोध कर रहा था। यह राणा के लिए भारत प्रत्यर्पित न किए जाने का आखिरी कानूनी मौका था। इससे पहले, वह सैन फ्रांसिस्को में नॉर्थ सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय सहित कई संघीय अदालतों में कानूनी लड़ाई हार गया था।
तहव्वुर पर क्या है आरोप
तहव्वुर राणा पर मुंबई आकर रेकी करने का आरोप है। उसने मुंबई की तमाम लोकेशन की जानकारी डेविड कोलमैन हेडली को दी थी। राणा पर ISI और लश्कर ए तैयबा के लिए काम करने का आरोप है। उसे 2009 में गिरफ्तार किया गया था।
कहां है फिलहाल तहव्वुर राणा
राणा को वर्तमान में लॉस एंजिलिस के ‘मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर’ में हिरासत में रखा गया है। इससे पहले अमेरिकी सरकार ने अदालत में दलील दी थी कि पुरीक्षण याचिका को खारिज किया जाना चाहिए। अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल एलिजाबेथ बी. प्रीलोगर ने 16 दिसंबर को उच्चतम न्यायालय में दाखिल अपने दस्तावेज में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राणा इस मामले में भारत प्रत्यर्पण से छूट का हकदार नहीं है।
राणा के पास था ये आखिरी चांस
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह तहव्वुर राणा के लिए भारत को प्रत्यर्पित न किए जाने का आखिरी कानूनी मौका था। इससे पहले, राणा सैन फ्रांसिस्को में उत्तरी सर्किट के लिए अमेरिकी अपील कोर्ट समेत कई संघीय अदालतों में कानूनी लड़ाई हार चुका है। राणा ने पिछले साल 13 नवंबर को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 'प्रमाणपत्र' के लिए याचिका दाखिल की थी। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद 21 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिका को अस्वीकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "याचिका स्वीकार नहीं की जाती।"
