पाकिस्तान में करो-करी नाम की पुरानी परंपरा में महिलाओं की खुलआम जान ली जा रही है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 3 दिन में 8 मर्डर हो चुका है। इन हत्याओं में कई सुसर हत्यारा निकल रहा है तो कहीं पति। इन हत्याओं को समाज का भी सपोर्ट मिल रहा है। अधिकार समूहों और सख्त कानूनों के अभियानों के बावजूद, ऐसी हत्याएं अक्सर भाग जाने, विवाहेतर पुरुषों के साथ दोस्ती करने या महिला शील पर धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के अन्य उल्लंघन जैसे कथित अपराधों के लिए की जाती हैं।
सिंध में हत्या का पुराना इतिहास
सिंध प्रांत में 'करो करी' या आसाम भाषा में कहें तो ऑनर किलिंग के नाम पर हत्याओं का पुराना इतिहास रहा है। सिंध के चार जिलों में तीन दिनों के अंतराल में पांच महिलाओं सहित आठ और लोग मारे गए। इसमें से एक आरोपी भोरल चाचर जिसने अपनी बहू और उसके प्रेमी को गोलियों से भून दिया। एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हत्या के हथियार के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाले शूटर ने अपराध कबूल करते हुए कहा कि उसने अपनी बहू को एक अज्ञात व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा और फिर गोली मार दी। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, लरकाना के बुंगुल डेरो में हुई एक अन्य घटना में, एक व्यक्ति ने रियाज ब्रोही नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक रियाज ब्रोही हाल ही में दुबई से लौटा था और कथित हत्यारे को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
कहीं साली को मारा तो कहीं पत्नी को
इसके अलावा, कंबर-शाहदादकोट जिले के कुब्बो सईदखान के पास ताज मुहम्मद चंदियो गांव में सुल्तान चंदियो नामक व्यक्ति ने अपनी साली रुखसाना चंदियो और उसके कथित प्रेमी बखत जंवारी को गोली मार दी और भाग गया। इसी तरह, शिकारपुर में हुमायूं पुलिस स्टेशन के पास पीर जलील में, एक आरोपी, ज़मीर मारफानी ने अपनी पत्नी खानज़ादी को गोली मार दी और घटनास्थल से भाग गया। संजोरो में, एक संदिग्ध, मुहम्मद उमर बुगती ने कथित व्यभिचार के कारण अपनी पत्नी, अज़ीमा को गोली मार दी और फिर भाग गया।
हर साल मारी जारी हैं दर्जनों महिलाएं
हर साल पाकिस्तान में सैकड़ों महिलाएं ऐसी हत्याओं का शिकार बनती हैं, जो ज्यादातर करीबी रिश्तेदारों द्वारा की जाती हैं, जो अपने परिवार के सम्मान की रक्षा करने का दावा करते हैं। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) के अनुसार, 2024 में ऑनर किलिंग एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है, जिसमें सिंध और पंजाब में उल्लेखनीय रूप से उच्च संख्या दर्ज की गई है। जनवरी से नवंबर के बीच, देश भर में 346 व्यक्ति हिंसा के ऐसे जघन्य कृत्यों का शिकार हुए।
