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आखिर इजराइल ने गाजा में ऐसा क्या कर दिया कि दोस्त अमेरिका भड़क उठा, दे डाली सैन्य सहायता पर प्रतिबंध की चेतावनी

गाजा में पिछले एक साल से इजराइल बमबारी कर रहा है। जिसमें हजारों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। जिसमें महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी है। इसके साथ ही गाजा में मानवीय सहायता भी सही से नहीं पहुंच रही है।

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गाजा पर पिछले कई महीनों से बमबारी कर है इजराइल

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • अमेरिका ने दोस्त इजराइल को चेताया
  • अमेरिका ने गाजा मामले पर इजराइल को घेरा
  • इजराइल को सुधरने के लिए मिला 30 दिन का समय

गाजा में इजराइल ने ऐसा क्या कर दिया है कि अब अमेरिका भी भड़क उठा है। अमेरिका इजराइल का सबसे खास दोस्त माना जाता है, लेकिन गाजा को लेकर अब अमेरिका ने इजराइल को सीधी चेतावनी दे डाली है। अमेरिका इजराइल के कदम से इतना खफा है कि उसने चेतावनी दी है कि अगर इजराइल नहीं सुधरा तो वो इजराइल को सैन्य सहायता देना बंद कर देगा।

अमेरिका ने इजराइल को दी चेतावनी

बाइडन प्रशासन ने इजरायल को चेतावनी दी है कि उसे अगले 30 दिनों के भीतर गाजा में मानवीय सहायता की मात्रा बढ़ानी होगी, अन्यथा उसे अमेरिकी हथियारों की सहायता खोने का जोखिम हो सकता है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने रविवार को लिखे पत्र में अपने इजरायली समकक्षों को चेतावनी दी कि बदलाव होने चाहिए। यह पत्र उत्तरी गाजा में बिगड़ते हालात और मध्य गाजा में एक अस्पताल के टेंट साइट पर इजरायली हवाई हमले के बीच भेजा गया था, जिसमें कम से कम चार लोग मारे गए और अन्य जल गए। पत्र में मानवीय सहायता और हथियारों के हस्तांतरण के प्रति अमेरिकी नीति को फिर से बताया गया है।

इजराइल को मिला सिर्फ 30 दिन का समय

ऑस्टिन और ब्लिंकन ने कहा कि इजराइल को विदेशी सैन्य मदद प्राप्त करने के लिए गाजा में राहत मदद का स्तर बढ़ाना होगा। इजराइल को लोगों के सुरक्षित पनाह की व्यवस्था करनी होगी और सुरक्षा भी प्रदान करनी होगी। उन्होंने कहा कि इजराइल के पास विभिन्न आवश्यकताओं पर कदम उठाने के लिए 30 दिन का समय है। इजराइल के एक अधिकारी ने पत्र मिलने की पुष्टि की लेकिन उन्होंने इसका विवरण देने से मना कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि पत्र में अमेरिका ने मानवीय मुद्दों को रेखांकित किया है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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