पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने और ईरान से वार्ता को लेकर चल रही कवायदों को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति किसी भी सूरत में नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि इसे सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी छोटे समझौते के बजाय एक व्यापक और ठोस डील चाहते हैं। इस बीच, एपी के हवाले से खबर आई है कि अमेरिका और ईरान दोनों ने युद्धविराम बढ़ाने पर 'सैद्धांतिक सहमति'दे दी है। जिसके बाद मध्यस्थ इसे कम से कम दो सप्ताह तक बढ़ाने का लक्ष्य रख रहे हैं।
वे जॉर्जिया विश्वविद्यालय में ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यहां अपने संबोधन में वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में कुछ प्रगति जरूर हुई है,लेकिन लक्ष्य एक बड़ा समझौता है। जिसमें ईरान न केवल परमाणु हथियारों से दूर रहे बल्कि आतंकवाद को समर्थन देना भी बंद करे। उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम कुछ दिनों से कायम है और इसे बनाए रखते हुए स्थायी समाधान तलाशने की कोशिश हो रही है।
अमेरिका ने ईरान के सामने रखा सीधा प्रस्ताव
वेंस ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के सामने एक सीधा प्रस्ताव रखा है, अगर ईरान खुद को एक 'सामान्य देश'की तरह पेश करता है,तो अमेरिका भी उसके साथ सामान्य आर्थिक संबंध स्थापित करने को तैयार है। उनका दावा था कि ऐसा प्रस्ताव पहले किसी अमेरिकी प्रशासन ने नहीं दिया।
इस बीच,राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह मौजूदा युद्धविराम को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं,लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि पश्चिम एशिया में तनाव को समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत के जरिए समझौता करना ही है। एबीसी न्यूज के मुख्य वाशिंगटन संवाददाता जोनाथन कार्ल से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि युद्धविराम को बढ़ाना आवश्यक होगा।
प्रवासियों पर भी वेंस का बयान
आगे अपने संबोधन में वेंस ने अमेरिकी नागरिकता पाने वाले प्रवासियों को लेकर भी अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो लोग अमेरिकी नागरिक बनते हैं,उन्हें सबसे पहले खुद को अमेरिकी मानना चाहिए, न कि अपने मूल देश से जुड़ा हुआ।
एक भारतीय मूल की छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए वैंस ने कहा कि नागरिकों की प्राथमिक जिम्मेदारी अमेरिका के हितों के बारे में सोचना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके परिवार में भी भारतीय मूल का संबंध है, लेकिन उनसे कभी किसी ने अपने मूल देश के हित में काम करने के लिए नहीं कहा। एच-1बी वीजा प्रणाली पर बोलते हुए वैंस ने स्वीकार किया कि इसमें धोखाधड़ी की समस्या है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि प्रवासियों ने अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
