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'लूला के अहंकार की वजह से...' ब्राजील पर अमेरिका ने लगाया 25% टैरिफ; मार्को रुबियो ने बताई वजह

US Impose Tarrif On Brazil: अमेरिका ने ब्राजील से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने Trade Act 1974 के Section 301 के तहत यह कार्रवाई करते हुए ब्राजील पर अनुचित और भेदभावपूर्ण व्यापारिक नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है। इसके जवाब में राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की सरकार ने अमेरिकी फैसले को द्विपक्षीय संबंधों के लिए "दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए इसे वैश्विक व्यापार नियमों का उल्लंघन करार दिया।

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अमेरिका ने ब्राजील पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का किया ऐलान। AI IMAGE

US Impose Tarrif On Brazil: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील को जोर का झटका दिया है। अमेरिका ने ब्राजील से आयात होने वाले अधिकांश सामान पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला 22 जुलाई से लागू होगा।

अमेरिका का आरोप है कि ब्राजील की कई व्यापारिक नीतियां अमेरिकी कंपनियों और कर्मचारियों के लिए "अनुचित और भेदभावपूर्ण" हैं, जिससे अमेरिकी कारोबार प्रभावित हो रहा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीयर ने कहा कि पिछले एक साल में सार्वजनिक सुनवाई, 360 से अधिक टिप्पणियों और ब्राजील सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका। इसलिए 25 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला लिया गया।

किन मुद्दों पर अमेरिका ने जताई आपत्ति?

USTR की जांच में ब्राजील पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका ने ब्राजील की इन नीतियां पर आपत्ति जताई है।

  • डिजिटल ट्रेड और ई-पेमेंट सेवाएं
  • तीसरे देशों के लिए प्राथमिकता वाले टैरिफ
  • भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के क्रियान्वयन में ढील
  • बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) की सुरक्षा
  • अमेरिकी इथेनॉल के लिए बाजार तक सीमित पहुंच
  • अवैध वनों की कटाई (Illegal Deforestation)

अमेरिका का कहना है कि इन नीतियों की वजह से अमेरिकी किसानों, निर्यातकों और टेक कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ट्रंप प्रशासन ने क्या कहा?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के अधिकांश आयात पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का निर्देश दिया है क्योंकि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिका के साथ "अच्छी नीयत" से बातचीत नहीं की। रुबियो ने कहा कि लूला की आर्थिक नीतियां न केवल अमेरिकियों बल्कि ब्राजील के लोगों के लिए भी नुकसानदायक हैं।

रुबियो ने आगे कहा कि पिछले एक साल से लूला ने ब्राजील के लोगों के हितों की बजाय अपने अहंकार को प्राथमिकता दी और अमेरिका के साथ समझौता करने का मौका गंवा दिया. उन्होंने कहा कि अब यही रवैया ब्राजील पर लगाए गए नए टैरिफ की वजह बना है. ब्राजील ने इसे एकतरफा फैसला बताते हुए वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन में चुनौती देना का ऐलान किया है.

ब्राजील ने जताया कड़ा विरोध

ब्राजील सरकार ने अमेरिकी फैसले को "द्विपक्षीय संबंधों में दुर्भाग्यपूर्ण पड़ाव" बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की सरकार ने कहा कि यह फैसला विश्व व्यापार नियमों) का उल्लंघन है और इसकी कोई वैधता नहीं है। ब्राजील का दावा है कि पिछले 15 वर्षों में अमेरिका को उसके साथ व्यापार में 424.5 अरब डॉलर का अधिशेष मिला है। ऐसे में अमेरिका द्वारा अनुचित व्यापार का आरोप लगाना तथ्यों से परे है। हालांकि, अमेरिका ने सभी ब्राजीली उत्पादों पर टैरिफ नहीं लगाया है। कुछ प्रमुख वस्तुओं को इससे बाहर रखा गया है जैसे बीफ, कॉफी, रेयर अर्थ मिनरल्स, एयरक्राफ्ट पार्ट्स।

क्या है सेक्शन 301 ?

Section 301 of the Trade Act, 1974 अमेरिकी सरकार को यह अधिकार देता है कि यदि किसी देश की व्यापारिक नीतियां अमेरिका के खिलाफ अनुचित या भेदभावपूर्ण मानी जाती हैं, तो वह जांच कर टैरिफ या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगा सकती है। अमेरिका ने कहा है कि वह आगे भी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन फिलहाल यह कदम अमेरिकी कंपनियों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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