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अमेरिका का NDDA 2026: भारत के साथ रिश्ते और मजबूत, हिंद-प्रशांत में क्वाड की ताकत बढ़ेगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भारत के साथ रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो- AP)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वित्त वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार अधिनियम (नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट- NDAA) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस कानून ने न केवल अमेरिका की वैश्विक सुरक्षा रणनीति को नई दिशा दी है, बल्कि इसमें भारत के साथ रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर भी खास जोर दिया गया है। यह अधिनियम चीन की बढ़ती आक्रामकता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते शक्ति समीकरणों के बीच भारत-अमेरिका सहयोग को नई मजबूती देता है।

भारत-अमेरिका साझेदारी को मिलेगी नई गति

नए रक्षा अधिनियम में साफ उल्लेख है कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत सहित अपने साझेदार देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाएगा। इसमें रक्षा व्यापार, नौसैन्य सुरक्षा सहयोग, सैन्य अभ्यास, मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में समन्वय बढ़ाने की बात कही गई है। उद्देश्य स्पष्ट है— क्षेत्र में चीन के रणनीतिक दबदबे का संतुलन बनाना और मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत की अवधारणा को मजबूत करना।

क्वाड पर विशेष जोर

इस अधिनियम में खास तौर पर ‘क्वाड’ यानी भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के सुरक्षा समूह की भूमिका को अहम बताया गया है। अमेरिका का मानना है कि क्वाड की सामूहिक ताकत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने, सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने और चीन की विस्तारवादी नीतियों को संतुलित करने में निर्णायक साबित होगी।

अमेरिकी रणनीति: ताकत के साथ शांति का सूत्र

राष्ट्रपति ट्रंप ने अधिनियम पर हस्ताक्षर करते समय कहा कि यह कानून “ताकत के माध्यम से शांति” कायम करने के उनके एजेंडे को आगे बढ़ाएगा। उनके अनुसार, यह अधिनियम अमेरिका की मातृभूमि को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खतरों से सुरक्षित रखने, रक्षा औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने और बेकार योजनाओं पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

परमाणु सहयोग पर संयुक्त मूल्यांकन

अधिनियम में भारत और अमेरिका के बीच 2008 में हुए शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौते के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए संयुक्त परामर्श तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके ज़रिए दोनों देश परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को और बेहतर दिशा दे सकेंगे।

हिंद-प्रशांत में सुरक्षा ढांचा मजबूत करने की तैयारी

अधिनियम के तहत अमेरिकी रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री को मिलकर ऐसा सुरक्षा तंत्र बनाने का दायित्व सौंपा गया है, जो अमेरिका और उसके रणनीतिक साझेदार देशों-भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, फिलीपींस और न्यूजीलैंड- के रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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