Donald Trump Iran Ballistic Missiles: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष को रोकने के लिए हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा बयान सामने आया है। फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के इतर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह से खत्म करने (पूर्ण निशस्त्रीकरण) की मांगों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस रुख को पूरी तरह से अवास्तविक करार देते हुए कहा कि आगामी वार्ताओं में तेहरान को कुछ मिसाइल क्षमताएं बनाए रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।
'दूसरों के पास मिसाइलें हैं, तो ईरान के पास क्यों नहीं?'
अपने सहयोगियों और आक्रामक (Hawkish) सलाहकारों की मांगों को खारिज करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद व्यावहारिक और बेबाक अंदाज में कहा कि जब क्षेत्र के अन्य देशों के पास मिसाइलें हैं, तो ईरान को पूरी तरह वंचित नहीं किया जा सकता। ट्रंप ने कहा, 'ईरान के पास कुछ मिसाइलें होनी ही चाहिए, क्योंकि अन्य लोगों (पड़ोसी देशों) के पास भी ये मौजूद हैं। आपके पास कुछ हथियार तो होने ही चाहिए। कुछ लोग कह रहे हैं कि हमें ईरान को एक भी मिसाइल रखने की इजाजत नहीं देनी चाहिए, लेकिन क्या वे सऊदी अरब को मिसाइलें रखने देंगे और ईरान को मना करेंगे? यह व्यवस्था इस तरह से काम नहीं करती।'
इस दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बेहद कड़ा रुख रखने वाले अपने ही कुछ सलाहकारों और समर्थकों पर तंज कसते हुए कहा, 'मेरे पास कुछ ऐसे लोग (सलाहकार) हैं- मैं उनमें से कुछ को पसंद करता हूं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे इस मामले में स्मार्ट हैं।'
मिसाइलें दुनिया को तबाह नहीं करतीं- ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने परमाणु हथियारों की तुलना में बैलिस्टिक मिसाइलों के रणनीतिक महत्व को कमतर आंकते हुए एक और हैरान करने वाली बात कही। उन्होंने कहा कि मिसाइलें उतनी बड़ी समस्या नहीं हैं, क्योंकि वे किसी एक छोटी लोकेशन को नुकसान तो पहुंचा सकती हैं, लेकिन वे पूरी पृथ्वी को तबाह नहीं कर सकतीं। उन्होंने साफ किया कि आगामी हफ्तों में होने वाली वार्ताओं में मिसाइल कार्यक्रम, समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार और क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी, लेकिन मिसाइलों को पूरी तरह खत्म करना एजेंडा नहीं होगा।
ईरान के यूरेनियम भंडार पर दी कड़ी चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार को तत्काल हासिल करने की तात्कालिकता को भी खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल अमेरिकी हमलों में ईरान के मुख्य परमाणु ठिकाने मलबे में तब्दील हो चुके हैं और वह सामग्री फिलहाल वहां दबी हुई है, जिसे केवल अमेरिका या चीन ही निकाल सकते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'यदि ईरान ने बिना अमेरिकी अनुमति के उस परमाणु सामग्री को वहां से हटाने या स्थानांतरित करने की कोशिश की, तो हम उन पर पैट्रियट मिसाइलों से हमला कर देंगे। हालांकि, इस नए शांति समझौते (MoU) की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने और न ही हासिल करने की अपनी प्रतिबद्धता पर दोबारा राजी हो गया है।'
पुनर्निर्माण पैकेज और प्रतिबंधों पर रुख साफ
ईरान के लिए प्रस्तावित 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण और विकास पैकेज की खबरों पर बोलते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका इस पहल में वित्तीय योगदान देने के लिए बाध्य नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने साफ कहा कि वाशिंगटन ईरान को तेल निर्यात की सुविधा देने की तैयारी जरूर कर रहा है, लेकिन तेहरान को भविष्य में प्रतिबंधों से कोई भी राहत केवल उसके अच्छे आचरण और योग्यता के आधार पर ही दी जाएगी।
