पश्चिमी गोलार्ध की सुरक्षा को चुनौती देने वाले नार्को-आतंकवादियों के खिलाफ अमेरिका ने अब 'आर-पार' की जंग छेड़ दी है। शुक्रवार को अमेरिकी दक्षिणी कमान (SOUTHCOM) ने इक्वाडोर की सेना के साथ मिलकर एक बेहद गोपनीय और घातक सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस कार्रवाई ने न केवल ड्रग माफियाओं के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि उनके पूरे रसद तंत्र की कमर तोड़ दी है।
पेंटागन का सीधा आदेश: 'शांति के लिए शक्ति'
यह ऑपरेशन कोई सामान्य सैन्य अभ्यास नहीं था। अमेरिकी युद्ध सचिव (Secretary of War) पीट हेगसेथ के सीधे आदेश पर साउथकॉम के कमांडर जनरल फ्रांसिस एल. डोनोवन ने इस मिशन की कमान संभाली। जनरल डोनोवन ने जीत का बिगुल फूंकते हुए कहा, "हम नारको-आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए अपने साझेदारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। यह रणनीतिक सफलता उन सभी देशों के लिए एक संदेश है जो शांति और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं।"
सप्लाई चेन पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'
पेंटागन के वरिष्ठ प्रवक्ता और युद्ध सचिव के वरिष्ठ सलाहकार सीन पारनेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नारको-आतंकवादियों के 'सप्लाई कॉम्प्लेक्स' को नष्ट करना था। पारनेल ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "नारको-आतंकवादी नेटवर्क के लिए हमारे गोलार्ध में अब कोई सुरक्षित कोना नहीं बचेगा। साथ मिलकर, हम तस्करी और भ्रष्टाचार के नेटवर्कों को नष्ट करेंगे, इन संगठनों को जवाबदेह ठहराएंगे और अपनी शक्ति के बल पर शांति बहाल करेंगे।"
इक्वाडोर का साथ और अमेरिका की ताकत
इक्वाडोर के राष्ट्रपति नोबोआ और वहां के सुरक्षा बलों के साथ मिलकर की गई यह कार्रवाई 'शक्ति के माध्यम से शांति' (Restore Peace through Strength) के सिद्धांत पर आधारित है। फॉक्स न्यूज के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में कितने आतंकी ढेर हुए हैं, लेकिन ऑपरेशन के घातक स्वरूप को देखते हुए बड़े नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
क्या यह सिर्फ शुरुआत है?
युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इक्वाडोर का आभार व्यक्त करते हुए एक सस्पेंस भी छोड़ दिया है। उन्होंने लिखा कि साउथकॉम की ओर से अभी और भी बहुत कुछ आना बाकी है। संकेत साफ हैं, पश्चिमी देशों में जड़ें जमा चुके ड्रग और आतंक के गठजोड़ को उखाड़ने के लिए अमेरिका आने वाले दिनों में और भी बड़े प्रहार कर सकता है।
