मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार तड़के अमेरिका ने ईरान पर हमलों का नया दौर शुरू कर दिया। इससे पहले अमेरिका ने अपने एक और सैनिक की मौत की पुष्टि की थी। वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी अमेरिकी सहयोगी खाड़ी देशों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को इराक में एक गिराए गए ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय करने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। इससे पहले जॉर्डन में शुक्रवार को हुए हमले के बाद से जो एक सैनिक लापता था, रविवार को उसके 'अज्ञात अवशेष' बरामद हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। दोनों देशों के बीच जारी इस संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है।
लगातार नौवीं रात अमेरिका का हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ईरान पर लगातार नौवीं रात एयरस्ट्राइक की गई। इन हमलों का लक्ष्य ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उसकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को होने वाले खतरे को कम किया जा सके।
ईरान के परमाणु संयंत्र के निर्माण स्थल पर हमला
ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी का दावा है कि अमेरिकी हमलों में दक्षिण-पश्चिमी ईरान में निर्माणाधीन 'डारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र' (Darkhovin Nuclear Plant) की साइट को भी निशाना बनाया गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, निर्माण के बेहद शुरुआती चरण में होने के कारण इस साइट पर अभी कोई परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी।
खाड़ी देशों पर बरसीं ईरानी मिसाइलें
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक ताजा अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है और 517 लोग घायल हैं। अमेरिका से सीधे टकराने के बजाय ईरान ने मध्य-पूर्व (मार्क) में मौजूद अमेरिकी सहयोगी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन, कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे। जॉर्डन की सेना ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। वहीं कुवैत में एक बिजली और पानी के संयंत्र पर हमला हुआ, जिससे आग लग गई। हालांकि बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा मुद्दा
दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से होती है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के बंदरगाहों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है। अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने कई जहाजों को रोका और एक जहाज को निष्क्रिय किया है। इसके चलते इस अहम समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है।
ईरान की चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि हमले नहीं रुके, तो वे अमेरिका को "कभी न भूलने वाला सबक" सिखाएंगे। ईरान ने अमेरिका पर अंतरिम शांति समझौते का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया है।
बढ़ रहा है बड़े युद्ध का खतरा
दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों के कारण पिछले महीने हुआ अस्थायी युद्धविराम लगभग खत्म हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
