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ईरान के हमलों के खिलाफ एकजुट हुआ यूरोप, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए इन 6 देशों ने मिलाया हाथ

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, क्योंकि ईरान ने कई देशों के लिए इस मार्ग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संकट के बीच यूके, फ्रांस, जर्मनी सहित जापान ने संयुक्त बयान जारी कर इस अहम समुद्री मार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सहयोग का ऐलान किया है। इन देशों ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने वाली गतिविधियां तुरंत रोकने की चेतावनी दी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अवरुद्ध न करने की अपील की।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए यूरोपीय देशों ने मिलाया हाथ।

Photo : AP

US Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों की आवाजाही बंद है। ईरान ने इस मार्ग पर कई देशों के लिए प्रतिबंध लगाई है। इसी बीच जहाजों की आवाजाही को लेकर जापान और यूरोप ने एक बड़ा कदम उठाया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि वे इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं।

यूरोपीय देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की

एक संयुक्त बयान में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की और उसे तुरंत ऐसे कदम रोकने को कहा, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर रहे हैं।

इन देशों ने कहा कि वे “उचित प्रयासों” में शामिल होने के लिए तैयार हैं, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और गैस ले जाने वाले जहाज सुरक्षित रूप से गुजर सकें। साथ ही, वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए भी कदम उठाने की बात कही गई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद न करे ईरान: कीर स्टार्मर

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के कार्यालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में नेताओं ने कहा, "हम ईरान से आह्वान करते हैं कि वह अपनी धमकियों, बारूदी सुरंग बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने के अन्य प्रयासों को तुरंत बंद करे।"

उन्होंने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय जहाजरानी में इस तरह का हस्तक्षेप और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।"

बता दें कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ईरान के लगाई गई पाबंदियों की वजह से इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में 95 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही भी कम हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमार author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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