Donald Trump on Iran War: ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के बीच आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस से देश को संबोधित किया। उन्होंने अपने रुख को और सख्त करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सभी रणनीतिक लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, सैन्य अभियान जारी रहेगा। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ तत्कालिक जीत के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने के लिए है।
जरूरत पड़ने पर दुश्मन को पाषाण युग में भेजेंगे-ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रम्प के अपने तीखे बयान में कहा गया कि अमेरिका 'तब तक नहीं रुकेगा, जब तक मिशन के सभी लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हो जाते,' और जरूरत पड़ने पर दुश्मन को पाषाण युग 'Stone Age' में वापस भेज देंगे। ट्रम्प ने बताया कि B-2 जैसे अत्याधुनिक बॉम्बर्स के ने ईरान में बहुत ही अच्छा काम किया है। उनके सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।
'ईरान को कभी परमाणु ताकत नहीं बनने देंगे'
उन्होंने दावा किया कि ईरान सबसे ज्यादा मिसाइलें बनाना चाहता था, और उसने वही किया। ट्रम्प ने कहा कि हम ईरान को कभी भी परमाणु ताकत नहीं बनने देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति बोले, हमने वहां के शासन (रेजीम) को खत्म कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने मुंह अपनी तारीफों के पुल भी बांधे और कहा कि किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने वो नहीं किया, जो मैंने करके दिखाया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।
1 बिलियन डॉलर से ज्यादा नकद मदद दी थी-यूएस राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रम्प ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान को 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा नकद मदद दी थी, लेकिन मैंने सब खत्म कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को युद्ध के बाद भी करीब 18 ट्रिलियन डॉलर का निवेश मिला है। दुनियाभर में ईंधन को लेकर मचे हाहाकार के बीच ट्रम्प बोले - तेल की कोई कमी नहीं है, क्योंकि वेनेजुएला से भरपूर तेल का स्टॉक आ रहा है।
हमारे पास सभी विकल्प हैं-ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्मप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों पर भी हमले किए जा सकते हैं। हमें रोकना नामुमकिन है। राष्ट्रपति ने कहा, 'हमारे पास सभी विकल्प हैं, जबकि उनके पास कोई नहीं।'उन्होंने दूसरे विश्वयुद्ध को याद करते हुए कहा कि सेकेंड वर्ल्ड वार 3 साल चला था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी माना कि पिछले 32 वर्षों में उनका देश सबसे शक्तिशाली देश से युद्ध लड़ रहा है।
