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हिंसा का जवाब हिंसा... ईरान पर अमेरिकी बमबारी के बाद बोले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस; सात दिन बाद टूट गई संधि

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मालवाहक जहाज पर हुए ईरान के हमले के बाद अमेरिकी ने ईरान पर जोरदार एयरस्ट्राइक की है। जिसको लेकर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सख्त चेतावनी देते हुए X पर लिखा कि हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।

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जेडी वेंस ने दी X पर सख्त चेतावनी (फाइल फोटो | AP)

Photo : AP

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी सैन्य ठिकानों पर की गई जवाबी एयरस्ट्राइक के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। दूसरी तरफ ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका पर सीजफायर समझौते की पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया है।

हिंसा का जवाब हिंसा से देंगे' - जेडी वेंस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 'X' पर बेहद कड़े शब्दों में पोस्ट साझा करते हुए अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए लिखा कि ईरान ने संघर्षविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हमने उसका पूरी तरह सम्मान किया है। अगर उन्हें इस बात को लेकर कोई असहमति या शिकायत है कि सहमति पत्र (MOU) को कैसे लागू किया जा रहा है, तो वे फोन उठा सकते हैं और हमसे बात कर सकते हैं। लेकिन हिंसा का जवाब हमेशा हिंसा से ही दिया जाएगा।" अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा ईरान के मिसाइल, ड्रोन और तटीय रडार साइटों पर किए गए हमलों के तुरंत बाद आया है।

अमेरिका को पछताना पड़ेगा - ईरान

दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए वॉशिंगटन को ही इस विवाद का मुख्य सूत्रधार बताया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने भी 'एक्स' पर पोस्ट के जरिए अमेरिकी सरकार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा। इब्राहिम अजीजी ने पोस्ट किया कि अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के बीच में ही ईरान पर हमला कर दिया है। नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिखा दिया है कि उनके मन में बातचीत के सिद्धांतों या संघर्षविराम के प्रति कोई प्रतिबद्धता नहीं है। संघर्षविराम का यह लापरवाह उल्लंघन, हमेशा की तरह, उनके लिए केवल पीछे हटने और पछतावे का कारण बनेगा। अब यह दूसरे पर आरोप मढ़ने का खेल काम नहीं आने वाला।

खतरे में पड़ा हालिया सीजफायर समझौता

गौरतलब है कि महज एक सप्ताह पहले ही दोनों देशों के बीच महीनों से चले आ रहे तनाव को कम करने और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को फिर से खोलने के लिए एक अंतरिम सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों को अगले 60 दिनों के भीतर एक स्थायी शांति समझौते पर पहुंचना था। हालांकि, ताजा सैन्य टकराव और दोनों पक्षों की ओर से आ रहे इन तल्ख बयानों ने इस शांति प्रक्रिया पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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