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'यूरेनियम संवर्धन को कम करेगा ईरान', US-Iran शांति वार्ता के बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार का बड़ा दावा

US Iran Peace Deal: स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता के बीच अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता शुरू हुई है। बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई शीर्ष नेता शामिल हुए। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने पर एक प्रारंभिक सहमति बनी है।

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पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार का दावा- यूरेनियम भंडार के संवर्धन को कम करेगा ईरान। AP

Photo : AP

US Iran Peace Deal: स्विट्जरलैंड में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता के बीच अमेरिका और ईरान में बातचीत (ज्यूरिख वार्ता) शुरू हो गई है। इसकी घोषणा कतर के विदेश मंत्रालय ने की है।अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरानी नेताओं के साथ बातचीत शुरू करने के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचे। आज होने वाली इन चर्चाओं में तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने और युद्ध खत्म करने के लिए बनी कमजोर अंतरिम डील को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।

इस बैठक में अमेरिका के वाइस प्रेसीडेंट जेडी वेंस , ईरान संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और पाक पीएम शहबाज शरीफ समेत कई शीर्ष नेता शामिल हुए हैं। वहीं, बैठक के इतर पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अल-अरबिया को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत तेहरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार के संवर्धन स्तर को कम किया जाएगा। इशाक डार ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ी है और कूटनीतिक प्रयासों के सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान लगातार क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए प्रयास कर रहा है तथा अमेरिका और ईरान के बीच संवाद को आगे बढ़ाने में रचनात्मक भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार, हालिया संपर्कों और वार्ताओं के बाद दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर समझ बढ़ी है और बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

क्या है ईरान का सबसे बड़ा मुद्दा?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई के मुताबिक, ईरान के लिए सबसे बड़ा मुद्दा लेबनान में जारी इजरायली हमले हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका लेबनान में सीजफायर लागू करवाने में पूरी तरह नाकाम रहा है, जो कि शांति समझौते की पहली शर्त थी।

इसके अलावा, ईरान चाहता है कि उस पर से तेल बेचने के प्रतिबंध हटाए जाएं और विदेशों में फंसे उसके फंड, विशेषकर कतर के बैंक में मौजूद 6 अरब डॉलर की रकम को जल्द से जल्द रिलीज किया जाए। दूसरी तरफ, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी टीम का पूरा ध्यान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन को रोकने पर है। अमेरिका चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय निरीक्षक ईरान के परमाणु ठिकानों का दौरा करें और वहां की जमीनी हकीकत का आकलन करें।

अगर ईरान इसके लिए तैयार होता है, तभी अमेरिका उसके फंड को रिलीज करने पर विचार करेगा। इस पूरी बातचीत के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर भी विवाद गरमाया हुआ है। लेबनान पर हमलों के विरोध में ईरान ने इसे बंद करने की धमकी दी है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह जलमार्ग खुला हुआ है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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