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US Iran Ceasefire Talk: कौन हैं मोहम्मद बागेर गालिबाफ, जो कर रहे हैं ईरान की अगुवाई

अमेरिका और ईरान के बीच करीब 40 दिनों तक चले संघर्ष के बाद फिलहाल दो हफ्तों का सीजफायर लागू किया गया है। इसी बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में शांति वार्ता होने जा रही है, जिस पर वैश्विक स्तर पर नजरें टिकी हैं। ईरान की ओर से मोहम्मद बागेर गालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। हालांकि, ईरान द्वारा रखी गई शर्तों पर अभी तक अमेरिका ने स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है, जिससे वार्ता के नतीजों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

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शांतिवार्ता में ईरान की ओर से मोहम्मद बागेर गालिबाफ करेंगे अगुवाई। AI IMAGE

US Iran Ceasefire Talk: अमेरिका और ईरान के बीच करीब 40 दिनों तक चले युद्ध पर फिलहाल ‘विराम’ लगा हुआ है। दोनों देशों ने दो हफ्तों के लिए सीजफायर का फैसला किया है। वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान की अगुवाई में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता होने जा रही है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली इस वार्ता पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।

ईरान की सभ्यता मिटाने की धमकी देने वाला अमेरिका अब अपने ही दुश्मन के साथ शांति वार्ता करने जा रहा है। वहीं, ईरान ने जो लंबी-चौड़ी शर्तों की फेहरिस्त सौंपी है, उस पर अमेरिका न तो सहमति जता सका है और न ही उसे पूरी तरह खारिज किया है। इस वार्ता का परिणाम क्या होगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन आइए जानते हैं उन वार्ताकारों के बारे में, जो ईरान का पक्ष रखने जा रहे हैं।

कौन कर रहा है ईरान की अगुवाई?

बताया जा रहा है कि मोहम्मद बागेर गालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) की अगुवाई में ईरान शांति वार्ता की मेज पर बैठेगा। इस बैठक में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, सभी की नजरें गालिबाफ पर टिकी हैं। उन्हें मोजतबा खामेनेई का करीबी और भरोसेमंद माना जाता है।

उनकी पहचान इस्लामी क्रांति के एक मजबूत रक्षक के रूप में रही है। उनके करियर की शुरुआत 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान हुई, जब वे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में शामिल हुए थे। युद्ध के मैदान से शुरू हुआ यह सफर उन्हें पुलिस प्रमुख के पद तक ले गया, जहां उनकी छवि एक सख्त और समझौता न करने वाले अधिकारी की बनी।

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मोहम्मद बागेर गालिबाफ की फाइल फोटो। Bagher Ghalibaf X Handle

विवाद और ‘छड़ी’ वाला ऑडियो

गालिबाफ का कार्यकाल नागरिक आंदोलनों के प्रति उनके कठोर रवैये के कारण अक्सर विवादों में रहा है। वे खास तौर पर 1999 और 2003 के छात्र आंदोलनों को बलपूर्वक दबाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस सख्त छवि की पुष्टि 2013 में लीक हुए एक ऑडियो से भी हुई, जिसमें उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने और उन्हें ‘छड़ी से पीटने’ में विश्वास रखते हैं। विचारधारा के प्रति उनकी कट्टरता और प्रशासन में ‘लौह पुरुष’ जैसी शैली ने उन्हें ईरान की सत्ता में एक शक्तिशाली, लेकिन विवादास्पद नेता बना दिया है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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