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Shutdown in US: रिपब्लिकन-डेमोक्रेट में नहीं बन पाई बात, अमेरिका में हुआ सरकारी शटडाउन, जानें- इसका मतलब और अब आगे क्या होगा?

अमेरिका में शटडाउन हो गया है। वर्तमान में डेमोक्रेट्स के पास इतने वोट हैं कि वे रिपब्लिकन के अस्थायी फंडिंग पैकेज को आसानी से रोक सकते हैं। ऐसे में जब फंड नहीं होगा तो ट्रंप सरकार को सारे कार्य पहले की तरह चलाने में कठिनाई आएगी और ऐसे में फिर लगेंगे ताले, यानी होगा शटडाउन। आधी रात को सरकारी फंडिंग खत्म होने के बाद अब जहां व्हाइट हाउस बजट ऑफिस एक मेमो जारी किया गया, जिसके बाद अब औपचारिक शटडाउन शुरू हो गया है।

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अमेरिका में लगेगा शटडाउन। Photo-AP

US faces government shutdown: अमेरिकी सरकार का औपचारिक रूप से शटडाउन हो गया है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि नवंबर 21 तक सरकार को फंड देने के लिए रिपब्लिकन द्वारा तैयार किए गए बिल को पारित करने की आखिरी कोशिश भी नाकाम हो गई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेट्स के पास फिलहाल इतने वोट थे कि वे रिपब्लिकन के उस अंतरिम फंडिंग पैकेज को रोक सकें, जो उनकी मांगों को पूरा नहीं करता। अब जब ऐसे में फंड नहीं होगा तो ट्रंप सरकार को सारे कार्य पहले की तरह चलाने में कठिनाई आएगी और ऐसे में फिर लगेंगे ताले, यानी होगा शटडाउन।

सात साल में पहली बार फिर आया ऐसा मौका

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट में अस्थायी फंडिंग बिल पास कराने को 60 वोट चाहिए थे, लेकिन वोटिंग में मंगलवार शाम को 55 बनाम 45 का अंतर रहा। यानी ट्रंप की पार्टी को 55 वोट मिले। अब ऐसे में जब सीनेट ने सात हफ्तों के लिए फेडरल फंडिंग को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी तो 12.01 बजे से सरकार का खर्च बंद हो गया है। अब ऐसे में इस दौरान कानून निर्माता वार्षिक खर्च बिल पर अपना काम पूरा करेंगे। जहां फंड ना होने के चलते लगभग सात साल में पहली बार अमेरिका में सरकारी कामकाज बंद हो जाएगा।

गैर-जरूरी काम होगा बंद

अमेरिकी कानून कहता है कि जब तक बजट या अस्थायी फंडिंग बिल पास नहीं होता, तब तक 'गैर-जरूरी' सरकारी विभागों और सेवाओं को बंद करना पड़ता है। इसी स्थिति को शटडाउन का नाम दिया गया है। बता दें कि पिछले दो दशकों में यह पांचवीं बड़ी शटडाउन की स्थिति बन गई है।

हेल्थकेयर खर्च पर रिपब्लिकन बनाम डेमोक्रेट

हेल्थकेयर खर्च को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट के बीच राजनीतिक गतिरोध जारी है, जिससे जल्द ही सरकार प्रभावित हो सकती है। ऐसे में राष्ट्रीय सेवाएं बाधित हो सकती हैं और संघीय कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा जा सकता है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में नकारात्मक रूप से बदलाव देखने को मिल सकता है।

सेनिट डेमोक्रेट्स ने कहा है कि वे इस पैकेज के पक्ष में वोट नहीं करेंगे, जब तक कि इसमें खत्म होने वाले हेल्थकेयर लाभों का विस्तार और अन्य मांगें शामिल नहीं की जातीं।

'औपचारिक शटडाउन शुरू'

बताया गया था कि आधी रात को सरकारी फंडिंग खत्म होने के बाद, व्हाइट हाउस बजट ऑफिस एक मेमो जारी करेगा, जिससे औपचारिक शटडाउन शुरू हो जाएगा। अब जहां समाचार एजेंसी AP के मुताबिक, अमेरिका में सरकारी शटडाउन शुरू हो गया है। इससे, सैन्य कर्मियों सहित आवश्यक कर्मचारी बिना वेतन के काम करते रहेंगे और गैर-जरूरी कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा। कांग्रेस बजट ऑफिस के अनुसार, अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्थायी बर्खास्तगी का फैसला नहीं भी लेते हैं, तो भी लगभग 750,000 संघीय कर्मचारी अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकते हैं। बता दें कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी शटडाउन रहा था, जो 35 दिनों तक चला। इस दौरान 340,000 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा गया था। बाकी जिन्होंने काम किया, उन्हें वेतन सरकार के दोबारा खुलने के बाद मिला।

नहीं होगा कोई समझौता, ट्रंप ने धमकी भी दी

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और कांग्रेस के नेता किसी समझौते या स्थिति को बचाने के लिए कोई रास्ता निकालने के लिए तैयार नहीं है। इसके उलट, अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर शटडाउन होता है तो उनका प्रशासन 'बहुत सारे' संघीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देगा।

ट्रंप और उनके रिपब्लिकन सहयोगियों ने बातचीत से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि यह बिल छोटा और 'साफ-सुथरा' है, जिस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। सीनेट के डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने व्हाइट हाउस में हुई बैठक के बाद कहा कि रिपब्लिकन डेमोक्रेट्स को 'डराने' की कोशिश कर रहे हैं। बैठक के बाद ट्रंप ने डेमोक्रेट्स का मजाक उड़ाने वाला वीडियो भी पोस्ट किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को कहा, 'वे चुनाव बुरी तरह हार गए, लेकिन वे नहीं बदलते।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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