ट्रंप की धमकी के बाद अब कांग्रेसमैन की पहल, हाउस में पेश किया ग्रीनलैंड को US में मिलाने वाला विधेयक
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Jan 13, 2026, 11:01 AM IST
यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के कांग्रेसमैन फाइन ने X पर कहा कि 'उन्होंने ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट' विधेयक पेश किया है। यह विधेयक ग्रीनलैंड को अमेरिका का राज्य बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को सभी जरूरी प्रारूप देगा। कांग्रेसमैन ने कहा कि ग्रीनलैंड में रूस एवं चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए यह विधेयक जरूरी है।
ग्रीनलैंड पर कांग्रेसमैन ने पेश किया विधेयक। तस्वीर-ANI
Greenland news: दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं। उनके इस बयान के बाद डेनमार्क सहित यूरोपीय देशों में जहां बेचैनी देखी जा रही है, वहीं एक अमेरिकी कांग्रेसमैन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए ग्रीनलैंड को यूएस में मिलाने के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में विधेयक पेश कर दिया है। कांग्रेसमैन रैंडी फाइन ने यह विधेयक पेश किया है। इस विधेयक में आर्कटिक द्वीप को एक अमेरिकी राज्य के रूप में मान्यता देने की मांग की गई है। ग्रीनलैंड पर अमेरिका और NATO देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गया है।
'रूस-चीन का मुकाबला करने के लिए ग्रीनलैंड जरूरी'
यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के कांग्रेसमैन फाइन ने X पर कहा कि 'उन्होंने ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट' विधेयक पेश किया है। यह विधेयक ग्रीनलैंड को अमेरिका का राज्य बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को सभी जरूरी प्रारूप देगा। कांग्रेसमैन ने कहा कि ग्रीनलैंड में रूस एवं चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सुरक्षित करने के लिए वह इस विधेयक को लेकर आए हैं।
रणनीतिक लिहाज से अहम है ग्रीनलैंड
लॉ मेकर ने आगे कहा कि अमेरिका के शत्रु देश आर्कटिक में अपना प्रभुत्व कायम करना चाहते हैं। कांग्रेसमैन ने कहा कि ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने से प्रतिद्वंद्वी देशों की मंशा पूरी नहीं होगी। ट्रंप ने हाल ही में एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि आर्कटिक में रूस और चीन की मौजूदगी बढ़ रही है और ऐसे में ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने दावा किया कि यह इलाका रणनीतिक लिहाज से इतना अहम है कि डेनमार्क अकेले इसकी सुरक्षा नहीं कर सकता।
'...तो यह NATO का अंत होगा'
ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 'मैं (ग्रीनलैंड) को लेकर एक आसानी से डील करना चाहता हूं।' उन्होंने आगे कहा कि 'लेकिन अगर हम सौदा आसानी से नहीं कर पाते हैं, तो हम इसे मुश्किल तरीके से करेंगे।" हालांकि उन्होंने आगे अपने शब्दों में थोड़ी नरमी भी लाई और कहा कि 'मैं डेनमार्क का फैन हूं और मैं आपको बताना चाहता हूं कि वो मेरे से बहुत अच्छे तरीके से पेश आते हैं।' लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड पर हमला करता है तो वो NATO का अंत होगा। ग्रीनलैंड को लेकर अब असल सवाल ये है कि क्या यूरोप, अमेरिका के सामने खड़ा होने का दुस्साहस कर पाएगा?