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Pakistan की UAE में फिर हो गई घोर बेइज्जती! 'होटल के कमरे सिर्फ भारतीय पासपोर्ट वालों को, पाकिस्तानियों के लिए नहीं'

पाकिस्तान के पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर असद कैसर ने यूएई में पाकिस्तानी नागरिकों के साथ कथित भेदभाव के मुद्दे को सदन में उठाया है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है।

हमारा पड़ोसी देश Pakistan सिर्फ तीन चीजों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। पहला तो आतंकवादियों की फैक्टरी चलाकर उन्हें दुनियाभर में निर्यात करने के लिए। दूसरा चीन, अमेरिका, यूएई सहित तमाम देशों से मदद के नाम पर भीख मांगने के लिए और तीसरा दुनियाभर में उसके नागरिकों की बेइज्जती के लिए। पाकिस्तान के पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर और PTI नेता असद कैसर (Asad Qaiser) ने UAE में पाकिस्तानियों की घनघोर बेइज्जती का एक मामला उठाया है।

असद कैसर का कहना है कि यूएई में पाकिस्तानी नागरिकों के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है। उन्होंने ऐसे व्यवहार को लेकर पाकिस्तान सरकार और कूटनीति पर सवाल खड़े किए। कैसर ने एक बयान में अपना कड़वा अनुभव शेयर करते हुए बताया कि दुबई/UAE यात्रा के दौरान जब उनकी फ्लाइट कैंसिल हुई, तो वहां के होटलों में सिर्फ भारतीय (India) और अमेरिकी (America) पासपोर्ट धारकों को ही प्राथमिकता और तरजीह दी जा रही थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानियों को साफ तौर पर नजरअंदाज किया जा रहा था।

कमरे सिर्फ भारत और अमेरिकी पासपोर्ट वालों के लिए

असद कैसर ने पाकिस्तानियों के साथ हो रहे ऐसे व्यवहार को लेकर अफसोस जताया। उन्होंने कहा, 'संयुक्त अरब अमीरात (UAE) हमारा इस्लामिक भाई देश है और इसके विकास में पाकिस्तानियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। लेकिन जब हमारी फ्लाइट रद्द हुई और हम होटल में ठहरने पहुंचे, तो वहां खुलेआम घोषणा हो रही थी कि कमरे सिर्फ भारत और अमेरिका के पासपोर्ट वालों को मिलेंगे। हमने इसका विरोध भी किया, लेकिन पाकिस्तानियों के साथ हुआ यह रवैया बेहद शर्मनाक और दुखद था।'

'पाकिस्तान के साथ सौतेला व्यवहार'

कैसर ने बताया कि इस घटना के बाद कई पाकिस्तानी डेलिगेशन उनसे मिलने आए। पाकिस्तानी डेलिगेशन ने भी शिकायत की कि यूएई प्रशासन और वहां के संस्थानों में पाकिस्तानियों को दोयम दर्जे के नागरिक की तरह ट्रीट किया जा रहा है। कैसर ने याद दिलाया कि अमेरिका-ईरान तनाव जैसे मामलों में पाकिस्तान ने सकारात्मक भूमिका निभाई थी, फिर भी आज अंतरराष्ट्रीय मंचों और खाड़ी देशों में पाकिस्तान का ऐसा हाल हो गया है।

विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग

पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर ने पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (Foreign Office) और विदेश मंत्री से मांग की है कि वे तुरंत कूटनीतिक चैनलों (Diplomatic Channels) के जरिए यूएई सरकार के सामने इस मुद्दे को रखें। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जनता यूएई से प्यार और उनका सम्मान करती है, लेकिन इस तरह का अपमान बर्दाश्त से बाहर है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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