दुनिया

बड़ा हो रहा जंग का दायरा! इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों पर US-सऊदी अरब ने किए हमले

सऊदी अरब ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश करने वाले कई ड्रोन को मार गिराया और नष्ट कर दिया। बयान के अनुसार, ये ड्रोन इराकी क्षेत्र से लॉन्च किए गए थे और इन्हें ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया ने संचालित किया था।

Image

इराक में ईरान समर्थित गुटों पर सऊदी अरब, अमेरिका के हमले। तस्वीर-@CENTCOM

Saudi Arab-US attack Iraq: ईरान-अमेरिका युद्ध का दायरा बड़ा होता जा रहा है। इस जंग में यूक्रेन की एंट्री हो चुकी है। अब अमेरिका और सऊदी अरब ने भी मिलकर ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के साथ समन्वय करते हुए सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों पर हमले किए हैं। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 'हालिया ड्रोन हमलों के जवाब में बुधवार तड़के ये हमले हुए।'

आक्रामक कार्रवाई का जवाब देंगे-सऊदी

सऊदी अरब ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश करने वाले कई ड्रोन को मार गिराया और नष्ट कर दिया। बयान के अनुसार, ये ड्रोन इराकी क्षेत्र से लॉन्च किए गए थे और इन्हें ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया ने संचालित किया था। सऊदी अरब ने अपने बयान में कहा, 'राज्य तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन उसके खिलाफ किसी भी आक्रामक कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा।'

सऊदी अरब दौरे पर जाएंगे इराक के PM

इस बीच, इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के गुरुवार को सऊदी अरब दौरे पर जाने की उम्मीद है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब उन्होंने कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब पर हुए ड्रोन हमलों की जांच के लिए इराकी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए थे। सोमवार को जारी एक बयान में इराकी सेना ने कहा, 'इराक इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि उसकी भूमि का उपयोग किसी भी भाईचारे वाले या मित्र देश पर हमला करने के लिए मार्ग या लॉन्चिंग पॉइंट के रूप में न हो।'

लाग सागर में तनाव, हूती विद्रोहियों का हमला

यमन के ईरान समर्थित हूती सैन्य समूह ने मंगलवार को दावा किया है कि उसने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। हूती समूह का कहना है कि उक्त जहाज ने उनके द्वारा हाल ही में घोषित की गई समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन किया था। दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक लाल सागर में हुए इस हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और जहाजरानी सुरक्षा को लेकर भारी तनाव पैदा हो गया है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article