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भारतीय छात्रों के लिए बड़ा झटका! अमेरिका ने VISA नियम किए सख्त; अब अनिश्चितकाल तक नहीं रह सकेंगे स्टूडेंट

US VISA Rules: अमेरिका ने विदेशी छात्रों, विनिमय कार्यक्रम के तहत आने वाले लोगों और पत्रकारों के लिए वीजा नियमों को सख्त कर दिया है। नए नियमों के तहत एफ, जे और आई श्रेणी के गैर प्रवासी वीजा धारकों के लिए देश में रहने की एक निश्चित अवधि तय की गई है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

US VISA Rules: अमेरिका ने विदेशी छात्रों, विनिमय कार्यक्रम के तहत आने वाले लोगों और पत्रकारों के लिए वीजा नियमों को सख्त कर दिया है। इसके साथ ही दशकों पुरानी वह नीति खत्म हो गई है जिसके तहत वे बिना सरकारी निगरानी के देश में अनिश्चितकाल तक रह सकते थे। इस कदम से बड़ी संख्या में भारतीयों पर असर पड़ने की संभावना है।

अमेरिका ने खत्म की पुरानी VISA व्यवस्था

अमेरिका के गृह मंत्रालय (DHS) ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि नए नियमों के तहत एफ, जे और आई श्रेणी के गैर प्रवासी वीजा धारकों के लिए देश में रहने की एक निश्चित अवधि तय की गई है। 'एफ' श्रेणी का वीजा छात्रों के लिए, 'जे' श्रेणी का वीजा विनिमय कार्यक्रम के तहत आने वाले लोगों के लिए और 'आई' श्रेणी का वीजा पत्रकारों के लिए होता है।

वीजा नियमों में बड़े बदलाव

इस नियम के तहत, 'एफ' श्रेणी के वीजा धारकों के लिए स्नातक के बाद देश छोड़ने, स्कूल बदलने या अपनी वीजा स्थिति में बदलाव करने के लिए मिलने वाली समय-सीमा को 60 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। वर्तमान में छात्रों की पढ़ाई की अवधि के साथ-साथ स्नातक के बाद वैकल्पिक प्रायोगिक प्रशिक्षण (OTP) के जरिए तीन साल तक की अवधि के लिए छात्र वीजा मान्य होते हैं।

चीनी नागरिकों को मिलेगा 90 दिन वाला VISA

समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, नए नियम के तहत, मीडिया के सदस्यों के लिए 'आई' वीजा की अवधि अधिक से अधिक 240 दिन और चीनी नागरिकों के लिए 90 दिन होगी। मौजूदा नियमों के तहत पत्रकारों के वीजा के लिए कोई तय समय-सीमा नहीं है और यह कई सालों तक चल सकता है।

F श्रेणी के VISA पर 4 साल की सीमा

डीएचएस ने एक बयान में कहा कि गैर प्रवासी छात्रों ('एफ' श्रेणी के वीजा) और विनिमय कार्यक्रम के तहत आने वाले लोगों ('जे' श्रेणी के वीजा) को उनके खास कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन यह अवधि चार साल से अधिक नहीं होगी।

डीएचएस के सचिव मार्कवेन मुलिन ने एक बयान में कहा, "दशकों से विदेशी छात्रों को अमेरिका में अनिश्चित काल के लिए आने की इजाजत दी जाती रही है, जिससे हजारों लोग अमेरिका छोड़ने से बचने के लिए लगातार पाठ्यक्रमों में दाखिला लेकर हमारी आव्रजन प्रणाली का गलत फायदा उठाते रहे हैं।" मुलिन ने कहा, "यह अंतिम नियम यह सुनिश्चित करता है कि विदेशी छात्र अपने मुख्य उद्देश्य यानी अपनी पढ़ाई पूरी करने और घर लौटने पर ध्यान दें।"

31 फीसदी भारतीय छात्रों पर सीधा असर

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से लगभग 31 प्रतिशत छात्र भारत से हैं। जिन वीजा धारकों को अपना अकादमिक कार्यक्रम पूरा करने के लिए और समय चाहिए, उन्हें सीधे अमेरिका नागरिकता एवं आव्रजन सेवा के माध्यम से प्रवास की अवधि बढ़ाने के लिए औपचारिक रूप से आवेदन करना होगा।

डीएचएस ने कहा कि इससे निगरानी की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के कर्मचारी से हटकर संघीय अधिकारियों के पास चली जाती है और आवेदकों को बायोमेट्रिक, पृष्ठभूमि और धोखाधड़ी जांच से गुजरना पड़ता है। यह नियम अकादमिक बदलावों पर सख्त पाबंदियां लगाता है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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