Emine Dzhaparova India Tour: यूक्रेन की पहली महिला उप विदेश मंत्री एमिनी झापरोवा भारत दौरे पर हैं। उनका कहना है कि युद्ध(Russian- Ukraine war) किसी समस्या का निदान नहीं, उनका देश भारत के उस नजरिए से पूरी तरह सहमत है कि शांति के जरिए ही विवादों का अंत होना चाहिए। इन सबके बीच उन्होंने रूसी सैनिकों के व्यवहार का भी जिक्र किया। झापरोवा के मुताबिक यूक्रेन में रूसी सैनिकों(Russian Soldiers) और उनके परिवारों के कुछ संवादों को इंटरसेप्ट किया गया और आप उन लोगों के संवाद को सुनकर चौंक जाएंगे। सैनिकों और उनके परिवारों के संवाद से पता चला कि वे लोग यूक्रेनी लोगों के घरों से सामान चुरा रहे थे यहां तक टॉयलेट बाउल(Toilets Bowl stealing) भी नहीं छोड़ा।
यौन हिंसा रूसी सैनिकों की रणनीति
अगर कोई आपका बलात्कार करने आता है तो आप किस भाषा में बात कर सकते हैं। जब मुझे पता चला कि एक 11 वर्ष के लड़के के साथ उसकी मां के सामने दुष्कर्म किया गया था और उसने अपनी बोलने की क्षमता खो दी थी। क्या यह सब जान आपको हैरानी नहीं होगी। 24 फरवरी 2022 के बाद यूक्रेन के लिए सब कुछ बदल गया। पिछले साल संघर्ष में यौन हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन ने दावा किया था कि यूक्रेन में रूस अपनी सैन्य रणनीति के तहत बलात्कार और यौन हिंसा का इस्तेमाल कर रहा है।यह दावा संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा जारी किए गए डेटा का अनुसरण करता है जिसने फरवरी से यूक्रेन में रिपोर्ट किए गए बलात्कार या यौन उत्पीड़न की घटनाओं के सौ से अधिक मामलों को सत्यापित किया है।
मेरी यात्रा दोस्ती की निशानी
झापरोवा ने यह भी उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित भारतीय अधिकारी,जिन्होंने फरवरी में मास्को का दौरा किया और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत की वे भी कीव का दौरा करेंगे। हम अजीत डोभाल की यात्रा की उम्मीद करते हैं। रूस के पास यात्रा करने के लिए अधिक समय है। हम एक युद्ध का सामना कर रहे हैं। हमें बचाव करना होगा। कभी-कभी आप कुछ करना चाहते हैं लेकिन नहीं कर सकते। मेरी यात्रा दोस्ती की निशानी है। भारत के साथ बेहतर संबंध लेकिन इसके लिए पारस्परिकता की आवश्यकता है। हमें कीव में भारतीय अधिकारियों का स्वागत करने में खुशी होगी।अब यूक्रेन के लोग विभिन्न नेताओं के साथ-साथ पीएम मोदी की टिप्पणियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA Ajit Dobhal) अजीत डोभाल की यात्राओं को करीब से देखते हैं। जब वह तीन बार मास्को गए, तो निश्चित रूप से, यह सवाल नहीं है कि क्या वह आएंगे।हमें कीव में भारत के नेताओं और अधिकारियों का स्वागत करने में खुशी होगी।
