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नेतन्याहू के घर पर दागे गए दो फ्लैश बम, इजरायली रक्षा मंत्री ने बताई चौंकाने वाली बातें

Israel vs Hamas: इजरायल पर उसके दुश्मन लगातार हमले कर रहे हैं। तो वहीं अपने दुश्मनों के खिलाफ इजरायल का भी ऑपरेशन जारी है। इस बीच ये खबर सामने आई कि उत्तरी इजरायल में पीएम बेंजामिल नेतन्याहू के घर के बगीचे में बम दागे गए हैं। इजरायली रक्षा ने इससे जुड़ी कुछ अहम बातें बताई हैं।

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इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू।

Photo : AP

World News: उत्तरी इजरायल में नेतन्याहू के घर के बगीचे में दो फ्लैश बम दागे गए हैं। पुलिस ने बताया कि शनिवार को उत्तरी इजरायल के शहर कैसरिया में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के घर की ओर दो फ्लैश बम दागे गए और वे बगीचे में गिर गए।

इजरायली पीएम नेतन्याहू और उनके परिवार को कितना हुआ नुकसान?

बयान में कहा गया कि न तो नेतन्याहू और न ही उनका परिवार मौजूद था और किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने रविवार को सुबह एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह घटना "सभी लाल रेखाओं" को पार कर गई है।

इजरायल के रक्षा मंत्री ने बताया- उन्हें लगातार मिल रही हैं धमकियां

कैट्ज ने कहा "इजरायल के प्रधानमंत्री के लिए यह संभव नहीं है, जिन्हें ईरान और उसके गुर्गों से खतरा है जो उनकी हत्या करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें घर से भी ऐसी ही धमकियां मिल सकती हैं।" उन्होंने सुरक्षा और न्यायिक एजेंसियों से भी आवश्यक कदम उठाने का आह्वान किया।

इराकी मिलिशिया ने इजरायली ठिकानों पर पांच ड्रोन हमलों का दावा किया

इससे पहले इराक में शिया मिलिशिया ग्रुप इस्लामिक रेजिस्टेंस ने शनिवार को दक्षिणी और उत्तरी इजरायल में पांच ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली है। शिया मिलिशिया के बयान के अनुसार, समूह के लड़ाकों ने दक्षिणी इजरायल पर चार ड्रोन हमले किए। जिनमें से दो ड्रोन ने बंदरगाह शहर ईलात में महत्वपूर्ण स्थलों को निशाना बनाया और दो अन्य ने क्षेत्र में सैन्य स्थलों को निशाना बनाया। वहीं पांचवें ड्रोन ने उत्तरी इजरायल में एक 'सैन्य' स्थल को निशाना बनाया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बयानों में लक्षित स्थलों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है और न ही किसी हताहत की सूचना दी गई है। समूह ने कहा कि ड्रोन हमले फिलिस्तीन और लेबनान में हमारे लोगों के साथ एकजुटता में किए गए। साथ ही समूह ने दुश्मन के गढ़ों को निशाना बनाना जारी रखने का संकल्प भी लिया है।

7 अक्टूबर 2023 को गाजा पट्टी में इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष शुरू होने के बाद से, इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने गाजा में फिलिस्तीनियों के प्रति समर्थन दिखाने के लिए क्षेत्र में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर बार-बार हमला किया है। 23 सितंबर को लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल द्वारा हमले तेज करने के बाद मिलिशिया ने इजरायल पर अपने हमले तेज कर दिए हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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