Benjamin Netanyahu : इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार (स्थायी समयानुसार) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन बातचीत की। नेतन्याहू ने कहा कि इस बातचीत में दोनों नेताओं को ऐसा लगा कि ईरान के साथ एक करार के जरिए अपने युद्ध के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है और यह समझौता हमारे व्यापक हितों की सुरक्षा करेगा। हालांकि, नेतन्याहू ने ईरान एवं लेबनान पर हमले जारी रखने के अपने संकल्प को दोहराया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अगले पांच दिनों तक ईरान पर हमले नहीं होंगे।
ईरान ने कहा-यूएस के साथ कोई बातचीत नहीं हुई
ट्रंप ने कहा है कि युद्ध रोकने को लेकर ईरान के साथ बातचीत 'बहुत सार्थक' हुई है। इसके बाद उन्होंने हमले रोकने का फैसला किया है। हालांकि, ईरान का दावा है कि प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से उसकी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।
यह समझौता हमारे हितों की रक्षा करेगा-नेतन्याहू
X पर अपने एक पोस्ट में नेतन्याहू ने कहा कि 'आज पहले मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात की। राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि हमने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर जो बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, उनका उपयोग करके समझौते में युद्ध के उद्देश्यों को पूरा करने का अवसर है।' नेतन्याहू ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा। उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता 'हमारे (अमेरिका और इजराइल के) महत्वपूर्ण हितों की रक्षा' करना चाहिए।
लेबनान पर जारी रहेगा हमला
हालांकि, इजराइल के प्रधानमंत्री ने ईरान और लेबनान पर हमले जारी रखने की भी बात कही, और दावा किया कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और हिज़्बुल्लाह को 'गंभीर नुकसान' पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि 'साथ ही, हम ईरान और लेबनान दोनों में हमले जारी रखे हुए हैं। हम मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु कार्यक्रम को कुचल रहे हैं, और हिज़्बुल्लाह पर लगातार गंभीर प्रहार कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले कुछ दिनों में इजराइल ने 'दो और परमाणु वैज्ञानिकों को खत्म कर दिया है।'
ईरान के ऊर्जा ढांचे पर 5 दिनों तक नहीं होंगे हमले-ट्रंप
नेतन्याहू और ट्रंप के बीच यह बातचीत उस समय हुई जब ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजराइल पांच दिनों के लिए ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकेंगे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच 'पिछले दो दिनों में बहुत अच्छे और सारिथक संवाद हुए हैं, जो मध्य पूर्व में हमारी दुश्मनी के पूर्ण और समग्र समाधान की दिशा में हैं।'
