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'थोड़े समय के लिए रुकेगा 'प्रोजेक्ट फ्रीडम', ईरान का नौसेनिक नाकाबंदी जारी रहेगी', नए सिरे से तनाव बढ़ने पर ट्रंप का फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर ईरानी जहाजों का ब्लॉकेड जारी रहेगा। नेवल ब्लॉकेड के तहत ईरान के बंदरगाहों से निकलने वाले जहाजों को अमेरिका आगे बढ़ने नहीं दे रहा है। इससे ईरान को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

Photo : AP

Project Freedom : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के मकसद से शुरू किए गए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को थोड़े समय के लिए बंद किया जाएगा। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर ईरानी जहाजों का ब्लॉकेड जारी रहेगा। नेवल ब्लॉकेड के तहत ईरान के बंदरगाहों से निकलने वाले जहाजों को अमेरिका आगे बढ़ने नहीं दे रहा है। इससे ईरान को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

ट्रंप अपने प्रयासों में हुए विफल-ईरान

ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि यह विराम इस बात का संकेत है कि डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रयासों में लगातार विफल रहने के बाद पीछे हट गए हैं, जिनका उद्देश्य वैश्विक शिपिंग के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलना था। अमेरिकी राष्ट्रपति की यह घोषणा ऐसे समय आई जब विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान में अमेरिका-इजराइल की प्रारंभिक सैन्य कार्रवाई जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी कहा गया अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बाद समाप्त हो चुकी है।

हम शांति का रास्ता पसंद करेंगे-रूबियो

रुबियो ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, 'हम शांति का रास्ता पसंद करेंगे। राष्ट्रपति [डोनाल्ड ट्रंप] भी एक समझौता चाहते हैं।' उनकी यह टिप्पणी उस समय आई जब होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार हमलों से यह आशंका बढ़ गई थी कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम खतरे में पड़ सकता है। अमेरिका ने कहा था कि वह इस आंशिक रूप से बंद जलमार्ग से फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है। तेहरान ने रुबियो के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन इससे पहले ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ ने कहा था, 'हम अच्छी तरह जानते हैं कि मौजूदा स्थिति का जारी रहना अमेरिका के लिए असहनीय है, जबकि हम तो अभी शुरुआत ही कर रहे हैं।'

UAE ने लगाया मिसाइल-ड्रोन हमले का आरोप

दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात ने लगातार दूसरे दिन ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का आरोप लगाया है। फुजैराह में एक तेल संयंत्र पर ड्रोन हमले से आग लग गई और कई लोग घायल हुए। हालांकि, ईरान ने इन हमलों की स्पष्ट पुष्टि नहीं की है। फारस की खाड़ी का यह अहम समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है,जहां से दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का व्यापार होता है। मौजूदा तनाव के कारण सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं और ईंधन की कीमतों पर भी दबाव बढ़ गया है।

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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