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अश्मिता ने कोरिया मास्टर्स में रचा इतिहास, चीनी खिलाड़ी को हराकर जीता अपना पहला BWF टूर का खिताब

भारत की अश्मिता चालिहा ने रविवार को कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज करते हुए अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीता। असम की 26 वर्षीय खिलाड़ी ने धीमी शुरुआत और एक चुनौतीपूर्ण निर्णायक गेम से उबरते हुए यादगार जीत हासिल की।

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अस्मिता ने जीता BWF टूर का खिताब। फोटो- सोशल मीडिया

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत की अश्मिता चालिहा ने रविवार को कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज करते हुए अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीता। असम की 26 वर्षीय खिलाड़ी ने धीमी शुरुआत और एक चुनौतीपूर्ण निर्णायक गेम से उबरते हुए यादगार जीत हासिल की। उन्होंने पहला गेम हारने के बाद वापसी करते हुए 53 मिनट तक चले खिताबी मुकाबले में दुनिया की 35वें नंबर की खिलाड़ी हान को 14-21, 21-14, 21-14 से हराया।

अश्मिता की जीत भारतीयों के लिए लगातार BWF वर्ल्ड टूर फाइनल में सफलता का प्रतीक है। इससे पहले पिछले रविवार को तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन जीता था। भारतीय खिलाड़ी ने 3-0 की शुरुआत की और शुरुआती दौर में 9-5 की बढ़त बना ली थी, लेकिन हान ने शानदार वापसी की और स्कोर 11-11 पर बराबर हो गया। चीनी शटलर ने अपनी खेल की गति बढ़ाई और लगातार अंक हासिल करके मैच पर नियंत्रण बना लिया, जिससे उन्होंने आसानी से गेम अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम से की वापसी

अश्मिता ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की। उन्होंने अधिक आक्रामकता के साथ हमला किया, अपने स्मैश का इस्तेमाल करके हान पर दबाव बनाया और साथ ही 6-6 के स्कोर के बाद बढ़त बनाने के लिए कुछ बेहतरीन डिफेंसिव रिटर्न भी खेले। भारतीय खिलाड़ी ने इंटरवल तक 11-8 की बढ़त बना ली थी और उसके बाद भी रैलियों पर अपना दबदबा बनाए रखा। हान अंतर कम करने के लिए संघर्ष करती रहीं, जबकि अश्मिता ने आरामदायक बढ़त बनाए रखी। वह 17-10 से आगे हो गईं और फिर एक और जोरदार अटैकिंग शॉट के साथ गेम 21-14 से जीतकर मैच को निर्णायक गेम तक ले गईं।

निर्णायक गेम की शुरुआत में कड़ा मुकाबला हुआ। अश्मिता ने शुरुआत में 5-2 की बढ़त बनाई, लेकिन मिड-गेम ब्रेक तक हान 11-9 से आगे हो गईं। हालांकि, अश्मिता ने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे मैच का रुख अपनी तरफ मोड़ लिया। उन्होंने एक सटीक 'विनर' शॉट के साथ 12-11 की बढ़त बना ली। शटल की ओर झुककर खेले गए एक और शानदार शॉट से उन्हें 15-11 की बढ़त मिली, क्योंकि वह शॉट कोर्ट के अंदर ही गिरा।

अश्मिता को मिला चैंपियनशिप प्वाइंट

भारतीय खिलाड़ी ने हान के कोर्ट में खाली जगहें ढूंढना जारी रखा और एक 'क्रॉस-कोर्ट विनर' से स्कोर 19-14 हो गया। इसके बाद हान का रिटर्न शॉट बाहर चला गया, जिससे अश्मिता को चैंपियनशिप पॉइंट मिला और आखिरकार उन्होंने अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीत लिया।

घुटने की चोट के बाद की वापसी

2024 में कोरिया ओपन के दौरान दाहिने घुटने में 'मीडियल मेनिस्कस टियर' (घुटने की चोट) होने के बाद अश्मिता को सर्जरी और लंबे समय तक रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा था। वह अगले साल फरवरी में लौटीं और 14 टूर्नामेंट खेले। इस साल उन्होंने कुछ टूर्नामेंट में हिस्सा लिया, लेकिन फिर BWF के पूरे एलीट कैलेंडर का बोझ उठाने के लिए अपनी ताकत बढ़ाने में तीन महीने बिताए।

उन्होंने BWF टूर पर शानदार वापसी की। पहले चाइना मास्टर्स और मलेशिया मास्टर्स में लगातार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं और फिर मकाऊ ओपन में सेमीफाइनल में जगह बनाई। दुनिया की 50वें नंबर की यह खिलाड़ी गुवाहाटी में 'नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में पार्क ताए-सांग की देखरेख में ट्रेनिंग करती हैं।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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