ट्रंप ने अब दक्षिण कोरिया पर लगाया 25 प्रतिशत टैरिफ, साउथ कोरिया को किस गलती की सजा दे रहा अमेरिका?
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Jan 27, 2026, 07:51 AM IST
Trump Tariffs on South Korea: डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की संसद द्वारा व्यापार समझौते को मंजूरी न दिए जाने पर नाराज़गी जताते हुए ऑटो, फार्मा और लकड़ी समेत कई उत्पादों पर टैरिफ 15% से बढ़ाकर 25% करने का ऐलान किया, जिससे अमेरिका-दक्षिण कोरिया व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।
ट्रंप ने साउथ कोरिया पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया।(फोटो सोर्स: AP)
Trump Tariffs on South Korea: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने एक बार फिर ट्रेड पॉलिसी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए दक्षिण कोरिया पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि दक्षिण कोरिया की संसद द्वारा ऐतिहासिक व्यापार समझौते को मंजूरी न दिए जाने के कारण अमेरिका अब ऑटोमोबाइल, लकड़ी (Lumber), फार्मा और अन्य सभी पारस्परिक टैरिफ्स पर शुल्क 15% से बढ़ाकर 25% कर रहा है। ट्रंप के इस फैसले के बाद दक्षिण कोरिया से अमेरिका आने वाले कई सामानों ने आयात शुल्क बढ़ जाएगी।
ट्रंप ने क्या-क्या कहा?
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट करते हुए कहा कि अमेरिका ने अपने सभी व्यापार समझौतों में तेजी से टैरिफ घटाए हैं, लेकिन बदले में वह अपने ट्रेड पार्टनर्स से भी वैसा ही व्यवहार चाहता है।
ट्रंप ने ट्वीट में कहा,उन्होंने साफ किया कि दक्षिण कोरिया की संसद द्वारा ऐतिहासिक व्यापार समझौते को मंजूरी न दिए जाने के कारण अमेरिका अब ऑटोमोबाइल, लकड़ी (Lumber), फार्मा और अन्य सभी पारस्परिक टैरिफ्स पर शुल्क 15% से बढ़ाकर 25% कर रहा है।
किन सेक्टरों पर पड़ेगा असर?
टैरिफ बढ़ोतरी से खास तौर पर ऑटोमोबाइल, सेक्टर फार्मास्यूटिकल्स और लकड़ी और निर्माण सामग्री पर सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। इससे दक्षिण कोरियाई कंपनियों की अमेरिकी बाजार में लागत बढ़ेगी और निर्यात पर दबाव पड़ सकता है।
ट्रेड वॉर की ओर बढ़ रही दुनिया?
बता दें कि विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम अमेरिका-दक्षिण कोरिया व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है। साथ ही यह फैसला वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर की आशंकाओं को फिर से हवा दे सकता है।
ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका अपने व्यापार समझौतों को लेकर कोई नरमी नहीं बरतेगा और अगर साझेदार देश तय शर्तों का पालन नहीं करते हैं तो ऐसे फैसले आगे भी लिए जा सकते हैं। फिलहाल दक्षिण कोरिया सरकार की ओर से इस टैरिफ बढ़ोतरी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत तेज हो सकती है।