दलाई लामा ने जीता पहला ग्रैमी अवॉर्ड, जानिए किस कैटेगरी में दिया गया पुरस्कार
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Feb 2, 2026, 08:54 AM IST
दलाई लामा ने ऑडियो बुक, नैरेटर और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग के लिए अपना पहला ग्रैमी पुरस्कार जीता, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन को हराया। प्रीमियर समारोह में "के-पॉप डेमन हंटर्स" के "गोल्डन" गाने ने विजुअल मीडिया के लिए लिखित गीत का पुरस्कार जीता..
दलाई लामा को मिला Grammy अवॉर्ड
Dalai Lama: लॉस एंजिल्स में 68वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार समारोह आयोजित हो रहा है और इस दौरान कुछ ऐतिहासिक पलों के बाद शुरुआत से ही उत्साह चरम पर है। इस मौके पर खास लोगों ने पुरस्कार जीता है जिनमें दलाई लामा भी शामिल हैं। दलाई लामा ने ऑडियो बुक, नैरेटर और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग के लिए अपना पहला ग्रैमी पुरस्कार जीता, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन को हराया।
"के-पॉप डेमन हंटर्स" को भी मिला अवॉर्ड
प्रीमियर समारोह में "के-पॉप डेमन हंटर्स" के "गोल्डन" गाने ने विजुअल मीडिया के लिए लिखित गीत का पुरस्कार जीता, जो किसी के-पॉप कलाकार द्वारा ग्रैमी जीतने का पहला मौका है। गीतकारों ने अपना स्वीकृति भाषण अंग्रेजी और कोरियाई दोनों भाषाओं में दिया, जो गाने की द्विभाषी अपील को दर्शाता है। म्यूजिक फिल्म का पुरस्कार "म्यूजिक फॉर जॉन विलियम्स" को मिला, जिसका मतलब है कि निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग ने आधिकारिक तौर पर अपना पहला ग्रैमी पुरस्कार जीत लिया है। इसके साथ ही वे ईजीओटी (EGOT) विजेता बन गए हैं - एक ऐसे कलाकार जिनके पास एमी, ग्रैमी, टोनी और ऑस्कर पुरस्कार हैं।
बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु
दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु माने जाते हैं। मौजूदा दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो हैं, जिन्हें 14वें दलाई लामा के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म 6 जुलाई 1935 को तिब्बत के एक छोटे से गांव में हुआ था। दो साल की उम्र में उन्हें दलाई लामा के पुनर्जन्म के रूप में पहचाना गया और तभी से उनका जीवन आध्यात्मिक साधना, करुणा और मानवता के संदेश को समर्पित हो गया। इसके लिए उन्हें कष्ट भी उठाने पड़े और चीन के कोप का शिकार बनना पड़ा।
60 के दशक में चीन ने उन्हें पकड़ना चाहा लेेकिन वह किसी तरह दुर्गम रास्तों और पहाड़ों को पार करके भारत पहुंच गए और यहां उन्हें शरण दी गई। दलाई लामा सिर्फ एक धार्मिक गुरु ही नहीं हैं, बल्कि वे शांति, अहिंसा, करुणा और आपसी सद्भाव के वैश्विक प्रतीक भी हैं। साल 1989 में उन्हें तिब्बत के मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से उठाने और अहिंसा का संदेश फैलाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।