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अमेरिका ने दुनिया भर में रोके सभी इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट्स, ट्रंप प्रशासन की आव्रजन पर सख्त कार्रवाई, मचेगा हाहाकार

अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों द्वारा 'पब्लिक चार्ज' शब्द का इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जो वित्तीय सहायता के लिए मुख्य रूप से सरकार पर निर्भर हो सकता है।

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ट्रंप प्रशासन ने रोके US Visa अपॉइंटमेंट

Photo : IANS

US Halts All Visa Appointments: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आव्रजन (immigration) पर शुरू किए गए कड़े अभियानों के बीच ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में सभी आव्रजक वीजा आवेदनों की प्रक्रियाओं और अपॉइंटमेंट्स पर रोक लगा दी है। 'फाइनेंशियल टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग का उद्देश्य उन आवेदकों की पहुंच को सीमित करना है जो अमेरिका के सार्वजनिक लाभों पर निर्भर हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विदेश विभाग कांसुलर अधिकारियों को ऐसे वीजा आवेदनों का व्यापक और निरंतर मूल्यांकन करने के लिए वैश्विक प्रशिक्षण दे रहा है। जिन लोगों के साक्षात्कार अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में तय थे, उन्हें अपॉइंटमेंट फिर से रीशेड्यूल करने के ईमेल भेजे गए हैं।

क्या है 'पब्लिक चार्ज' और नया नियम?

अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों द्वारा 'पब्लिक चार्ज' शब्द का इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जो वित्तीय सहायता के लिए मुख्य रूप से सरकार पर निर्भर हो सकता है। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा,"एक अधिक समृद्ध अमेरिका का मतलब यह सुनिश्चित करना है कि वीजा आवेदक अमेरिकी कानून के तहत 'पब्लिक चार्ज' न बनें और जरूरतमंद अमेरिकियों के लिए आरक्षित सार्वजनिक लाभों पर आश्रित न हों। प्रवक्ता ने बताया कि अगस्त में एक वैश्विक प्रशिक्षण पहल शुरू की गई है ताकि सभी कांसुलर अधिकारी प्रत्येक वीजा आवेदक का गहन मूल्यांकन करने के लिए पूरी तरह सक्षम हों।

आकलन के पैमाने

कानून के तहत, किसी आवेदक को 'पब्लिक चार्ज' मानकर वीजा खारिज करने से पहले कांसुलर अधिकारी को उसकी वित्तीय स्थिति, उम्र, स्वास्थ्य, कौशल और पारिवारिक स्थिति का मूल्यांकन करना होता है। H-1B वीजा शुल्क में बढ़ोतरी के ठीक बाद यह कदम उठाया गया है। वीजा अपॉइंटमेंट्स पर यह वैश्विक रोक ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा आवेदन शुल्क में 1,03,265 अमेरिकी डॉलर का नया प्रस्ताव रखे जाने के ठीक एक दिन बाद आई है। H-1B वीजा एक गैर-आव्रजक (non-immigrant) वीजा है, जिसका उपयोग अमेरिकी टेक कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कुशल पेशेवरों को नौकरी पर रखने के लिए करती हैं।

पिछली कोशिशें और अदालती अड़चनें

वर्ष 2025 में सत्ता संभालने के बाद से ही राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रवासियों के खिलाफ एक सख्त रुख अपनाया है। इससे पहले जनवरी में विदेश विभाग ने दुनिया के लगभग 40 प्रतिशत देशों से इमिग्रेंट वीजा जारी करने पर रोक लगा दी थी ताकि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने वालों के प्रवेश को रोका जा सके। हालांकि, शुक्रवार को एक संघीय न्यायाधीश ने 'पब्लिक चार्ज' के आधार पर 75 देशों (जैसे ब्राजील, कोलंबिया, रूस आदि) पर लगाए गए इस तरह के प्रतिबंधों को कानून के विपरीत बताते हुए रद्द कर दिया था। इसके बावजूद, अमेरिका ने अवैध आव्रजन और ग्रीन कार्ड नियमों को सख्त करने के अपने अभियान को और तेज कर दिया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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