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नेपाल की जिस नदी ने मचाई तबाही, वो भारत में किस नाम से बहती है? इन जगहों पर खतरा मंडराया

Bhote Koshi River India Name Gandak: नेपाल में तबाही मचाने वाली भोटेकोशी नदी आगे चलकर त्रिशूली में मिलती है और भारत में गंडक नदी के रूप में बहती है। बाढ़ के बाद कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया।

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नेपाल में बाढ़ आने से भारत में भी चिंता बढ़ गई है।

Gandak river basin Bihar: पड़ोसी देश नेपाल के पहाड़ी जिले रसुवा में तिब्बत सीमा से सटी भोटेकोशी नदी में बादल फटने के बाद आई अचानक भीषण बाढ़ ने कई गांवों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और पुलिस चौकियों को तबाह कर दिया है। इस आपदा में व्यापक जान-माल का नुकसान हुआ है, वहीं नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल (APF) के 28 जवान लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में मची इस तबाही ने अब भारत, विशेषकर बिहार की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

भारत में किस नाम से बहती है यह नदी?

भौगोलिक दृष्टि से, जिस भोटेकोशी नदी में उफान आया है, उसका सीधा संबंध भारत की प्रमुख नदियों से है:

उद्गम और संगम: भोटेकोशी नदी तिब्बत के हिमनदों से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है और आगे चलकर त्रिशूली नदी में मिल जाती है।

भारत में प्रवेश: त्रिशूली नदी नेपाल के मैदानी और मध्य भागों (नारायणी नदी) से होते हुए जब भारत की सीमा (बिहार) में प्रवेश करती है, तो इसे गंडक नदी (गंडकी) के नाम से जाना जाता है।

ऐतिहासिक संदर्भ: पिछले साल भी इसी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही हुई थी और नेपाल-चीन को जोड़ने वाला ऐतिहासिक 'फ्रेंडशिप ब्रिज' बह गया था, जिससे महीनों व्यापार ठप रहा था।

बिहार के किन जिलों और इलाकों में मंडरा रहा है खतरा?

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश और उफान का सीधा असर बिहार के निचले और सीमावर्ती जिलों पर पड़ता है। बिहार प्रशासन ने गंडक और कोसी नदी के जलस्तर में संभावित उछाल को देखते हुए 2 मुख्य बेसिन के 9 जिलों में विशेष सतर्कता और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं:

1. गंडक नदी बेसिन (हाई अलर्ट पर 5 जिले):

नेपाल की त्रिशूली (गंडक) का जलस्तर बढ़ने से बिहार के इन जिलों के तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है:

-पश्चिम चंपारण

-पूर्वी चंपारण

-गोपालगंज

-सारण

-वैशाली

2. कोसी नदी बेसिन (4 संवेदनशील जिले):

भोटेकोशी और नेपाल की अन्य पहाड़ी नदियों का पानी कोसी प्रणाली को भी प्रभावित करता है, जिससे इन जिलों पर नजर रखी जा रही है:

-सुपौल

-सहरसा

-मधेपुरा

-अररिया

बिहार प्रशासन अलर्ट मोड पर

रसुवा से लेकर चितवन तक त्रिशूली नदी का जलस्तर विकराल रूप ले चुका है। नेपाल में बिगड़े हालात के बीच बिहार आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग ने गंडक बैराज (वाल्मीकिनगर) और कोसी बैराज (वीरपुर) पर निगरानी बढ़ा दी है। नदियों के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी गई है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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