अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्तकी इस समय भारत में हैं। इस दौरान उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस की है, जहां से उन्होंने पाकिस्तान को अफगान पर हमले के लिए खुली चेतावनी दी है। इतना ही नहीं ट्रंप के अफगानिस्तान में स्थित बगराम एयरबेस के कब्जे की बात पर मुत्तकी ने दो टूक में जवाब दिया है। मुत्तकी ने कहा कि अफगानिस्तान के लोग किसी भी विदेशी देश की सेना और उसके हमले को बर्दास्त नहीं करेंगे।
पाकिस्तान पर भड़के अफगान विदेश मंत्री
अफगान विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्तकी ने कहा कि अफगान लोगों की हिम्मत को परखना किसी को सही नहीं चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई कोई यह आजमाना चाहे तो उसे पहले सोवियत संघ, अमेरिका और नाटो से पूछना चाहिए, ताकि उन्हें समझाया जा सके कि अफगानिस्तान के साथ खिलवाड़ ठीक नहीं है। मुत्तकी ने बताया कि सीमा के निकट सुदूर इलाकों में हाल में हमले हुए हैं और वे पाकिस्तान की इन हरकतों को अनुचित मानते हैं। उनका कहना था कि समस्याओं का समाधान हिंसा या हमलों से नहीं निकलेगा और अफगानिस्तान ने चर्चा का रास्ता हमेशा खुला रखा है। उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान में 40 साल बाद शांति और प्रगति हुई है। इससे किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए... हम एक स्वतंत्र राष्ट्र हैं। अगर हमारे यहां शांति है तो लोग परेशान क्यों हैं... हम भारत और पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं, लेकिन यह एकतरफ़ा नहीं हो सकता... अफगानों के साहस की परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए। अगर कोई ऐसा करना चाहता है, तो उसे सोवियत संघ, अमेरिका और नाटो से पूछना चाहिए, ताकि वे समझा सकें कि अफगानिस्तान के साथ खेलना ठीक नहीं है...।"
बगराम एयरबेस पर अमेरिका को दो टूक
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्तकी ने आगे अमेरिका के बगराम एयरबेस की चाहत पर कहा कि "बगराम के बारे में, मेरा कहना है कि अफगानिस्तान के लोगों ने कभी भी विदेशी सेना को स्वीकार नहीं किया है। और वे इससे आगे भी स्वीकार नहीं करेंगे... अगर कोई हमारे साथ संबंध रखना चाहता है, तो वह राजनयिक मिशन के जरिए आ सकता है, लेकिन सैन्य वर्दी में नहीं, यह हमें स्वीकार्य नहीं है..."
भारत पर क्या बोले अफगान विदेश मंत्री
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्तकी ने कहा, "पिछले चार वर्षों में भारत और अफगानिस्तान के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार हुआ है। यह मेरी पहली भारत यात्रा है। आज यह निर्णय लिया गया कि भारत भी अपने राजनयिकों को काबुल भेजेगा..." हम भारत में व्यापार से मिलेंगे। हम चाहते हैं कि लोग अस्पतालों, बिजली, खदानों में काम करें... हम वहां लोगों का स्वागत करेंगे..."
एस जयशंकर से हुई मुलाकात
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अफगानी विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद ट्वीट कर कहा, "आज नई दिल्ली में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्तकी से मिलकर प्रसन्नता हुई। यह यात्रा हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने और भारत-अफगानिस्तान की स्थायी मित्रता की पुष्टि करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। अफगानिस्तान के विकास, हमारे द्विपक्षीय व्यापार, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता, लोगों के बीच संबंधों और क्षमता निर्माण के लिए भारत के समर्थन पर चर्चा हुई। भारत काबुल स्थित अपने तकनीकी मिशन को भारतीय दूतावास के स्तर तक उन्नत करेगा।"
