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PAK की चेतावनी के कुछ घंटे बाद काबुल में धमाके, TTP प्रमुख नूर वली महसूद के ठिकाने पर हमला

स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया कि हमले का निशाना तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रमुख नूर वली महसूद थे। कुछ घंटों बाद, महसूद का एक नया ऑडियो संदेश सामने आया, जिसमें उन्होंने अपनी मौत की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वह 'अपने जनजातीय क्षेत्र में सुरक्षित हैं।'

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धमाकों से दहला काबुल। तस्वीर-प्रतीकात्मक, PTI

Photo : PTI

Kabul Explosion: गुरुवार देर रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दो बड़े विस्फोट हुए, जिनके बाद आसमान में विमान की आवाजें सुनी गईं, जिससे हवाई हमले की आशंका जताई जा रही है। अफगान अधिकारियों ने पुष्टि की कि धमाकों की आवाजें सुनी गईं और जांच जारी है, हालांकि किसी तरह के नुकसान या हताहतों की जानकारी अब तक नहीं मिली है।

स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया कि हमले का निशाना तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रमुख नूर वली महसूद थे। कुछ घंटों बाद, महसूद का एक नया ऑडियो संदेश सामने आया, जिसमें उन्होंने अपनी मौत की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वह 'अपने जनजातीय क्षेत्र में सुरक्षित हैं।' उन्होंने 9 अक्टूबर (16 रबी-उल-सानी, गुरुवार रात) का उल्लेख करते हुए संदेश की ताजगी की पुष्टि की।

अफगान जमीन से पाकिस्तान पर हमले?

धमाके से कुछ घंटों पहले ख्वाजा आसिफ की सख्त चेतावनी धमाकों से कुछ घंटे पहले ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में अफगान सरजमीं से हो रहे आतंकवाद को लेकर कड़ा बयान दिया था। आसिफ ने कहा, 'अब बहुत हो गया, पाकिस्तान का सब्र खत्म हो चुका है… जो आतंकियों को पनाह देंगे, उन्हें जवाब देना होगा।' उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले डीजी आईएसआई के साथ अफगानिस्तान की यात्रा के दौरान पाकिस्तान ने चेताया था कि अफगान जमीन से पाकिस्तान पर हमले किए जा रहे हैं। आसिफ ने दावा किया कि उस समय अफगान प्रतिनिधियों ने 10 अरब रुपये के बदले आतंकी ठिकाने हटाने की पेशकश की थी, लेकिन पाकिस्तान ने गारंटी की कमी के चलते इसे ठुकरा दिया था। ख्वाजा आसिफ ने दोहराया कि अब अफगानिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद असहनीय है।

भारत दौरे पर अफगान विदेश मंत्री

ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री पहली बार भारत के दौरे पर थे, जहां वे सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा कर रहे थे। यह संयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इस्लामाबाद और काबुल के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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