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तालिबान ने पाकिस्तानी सैनिकों की पतलून लहराई, अफगानों ने मुजाहिदीन में शामिल होने की कसम खाई

इस्लामाबाद द्वारा काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के शिविरों को निशाना बनाने के बाद पिछले सप्ताह संघर्ष शुरू हुआ। पाकिस्तानी हमला तब हुआ, जब तालिबान शासन के अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत की अपनी पहली यात्रा पर थे।

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अफगान सैनिकों ने लहराई पाकिस्तानी सैनिकों की पतलून (@DaudJunbish)

Pakistan-Afghanistan Conflict: अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर झड़पों का सिलसिला संघर्षविराम के बाद फिलहाल रुका हुआ है। लेकिन बुधवार को काबुल और कंधार में पाकिस्तानी हवाई हमलों में कम से कम 15 अफगान नागरिक मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए। यह हमला तालिबान द्वारा जवाबी हमले में स्पिन-बोल्डक में सीमा चौकियों पर कब्जा करने के बाद हुआ। इसके बाद अफगान सैनिकों के प्रतिरोध का प्रतीक बनी उन पाकिस्तानी सैनिकों की पतलून, जो अपनी चौकियां छोड़कर भाग गए थे।

पाकिस्तानी सैनिकों की पतलून लहराई

बीबीसी के एक अफगान पत्रकार दाऊद जुंबिश ने लिखा, डूरंड लाइन के पास पाकिस्तानी सेना की छोड़ी गई सैन्य चौकियों से बरामद पतलून, अफगानिस्तान के पूर्वी नंगरहार प्रांत में लोगों के सामने दिखाई गई। उन्होंने तालिबान लड़ाकों की एक तस्वीर साझा की, जिसमें जवाबी हमले के बाद सीमा चौकियों से जब्त की गई पाकिस्तानी सैनिकों की पतलून और हथियार दिखाए गए हैं, जहां से वे भाग गए थे।

इसी बीच अफगान लोग इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान के विरुद्ध इस्लामिक अमीरात के लड़ाकों के पीछे एकजुट हो गए हैं। तोलो न्यूज के अनुसार, कंधार के एक निवासी मोहिबुल्लाह ने कहा, अगर जरूरत पड़ी, तो हम भी मुजाहिदीन और इस्लामिक अमीरात की सेना में शामिल होंगे। पक्तिया के निवासी बैतुल्लाह ने कहा, इस्लामिक अमीरात ने उन्हें उचित जवाब दिया है। सभी लोग पाकिस्तान के खिलाफ उनके साथ खड़े हैं।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान झड़पों में 200 से अधिक की मौत

इस्लामाबाद द्वारा काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के शिविरों को निशाना बनाने के बाद पिछले सप्ताह संघर्ष शुरू हुआ। पाकिस्तानी हमला तब हुआ, जब तालिबान शासन के अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत की अपनी पहली यात्रा पर थे। अफगानों ने सीमा संघर्ष और अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र के बार-बार उल्लंघन के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया। विवाद के केंद्र में विवादास्पद डूरंड रेखा है, जिसे औपनिवेशिक अंग्रेजों ने स्वतंत्रता-पूर्व भारत और अफगानिस्तान के बीच एक सीमा के रूप में खींचा था। डूरंड रेखा को दोनों ओर के पठानों ने कभी स्वीकार नहीं किया है।

पिछले हफ्ते पाकिस्तानी और अफगान बलों ने डूरंड रेखा के साथ कम से कम सात स्थानों पर घातक गोलीबारी की। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर काफी भारी हताहत होने का दावा किया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि पाकिस्तान ने कहा कि उसने अफगान तालिबान और उनके सहयोगियों के 200 से अधिक लड़ाकों को मार डाला है, जबकि अफगानिस्तान ने कहा कि उसने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है।

तालिबान के पीछे खड़े हुए अफगान

बुधवार को पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद, अफगान अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए तालिबान के पीछे खड़े हो गए। पक्तिया के काबुल जान ने तोलो न्यूज को बताया, इस्लामिक अमीरात किसी के साथ संघर्ष नहीं चाहता है, लेकिन पाकिस्तान हम पर अत्याचार करना जारी रखे हुए है। काबुल के एक निवासी अब्दुल गफूर ने कहा, हम इस्लामिक अमीरात और अपने देश की रक्षा कर रहे हैं। किसी भी विदेशी को हमारी मातृभूमि में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।बुधवार को कंधार के स्पिन बोल्डक जिले में एक पाकिस्तानी हवाई हमले में कम से कम 15 नागरिक मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए।

इससे पहले, तालिबान ने दावा किया था कि उसके लड़ाकों ने जवाबी गोलीबारी में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला और पाकिस्तानी हथियार और टैंक जब्त कर लिए। तालिबान लड़ाकों का एक जब्त पाकिस्तानी टी-55 टैंक पर सवार एक वीडियो वायरल हो गया। फिर तालिबान लड़ाकों की तस्वीरें और वीडियो आए, जिसमें दो सीमा चौकियों पर हमलों से जब्त किए गए पाकिस्तानी सैनिकों की पतलून और हथियार दिखाए गए थे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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