एक किलो भांग की तस्करी करने के आरोप में सिंगापुर ने भारतीय मूल के एक शख्स को फांसी पर लटका दिया। संयुक्त राष्ट्र की अपील और अंतरराष्ट्रीय अपील को खारिज करते हुए सिंगापुर ने बुधवार को एक किलोग्राम भांग की तस्करी की साजिश रचने के दोषी कैदी को फांसी दे दी। सिंगापुर में नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में 46 वर्षीय भारतीय मूल के तंगाराजू सुप्पैया को मौत की सजा दे दी गई।
2018 में सुनाई गई थी मौत की सजा
तंगाराजू को 9 अक्टूबर 2018 को सिंगापुर में 1 किलो से अधिक भांग की तस्करी के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। सिंगापुर जेल सेवा के एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि सिंगापुर के 46 वर्षीय तंगाराजू सुप्पैया को आज चांगी जेल परिसर में फांसी दी गई।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय द्वारा अपील के बावजूद आरोपी को फांसी दे दी गई। जिनेवा स्थित ग्लोबल कमीशन ऑन ड्रग पॉलिसी के सदस्य ब्रिटिश टाइकून रिचर्ड ब्रैनसन ने सोमवार को अपने ब्लॉग पर लिखा कि गिरफ्तारी के समय तंगाराजू ड्रग्स के आस-पास भी नहीं था और हो सकता है कि सिंगापुर एक निर्दोष व्यक्ति को फांसी पर चढ़ा दे।
सिंगापुर का अरबपति ब्रैनसन पर निशाना
सिंगापुर के गृह मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सिंगापुर के एक नागरिक को मृत्युदंड पर ब्रैनसन के विचार देश के न्यायाधीशों और आपराधिक न्याय प्रणाली का अपमान है। मंत्रालय ने अरबपति ब्रैनसन के पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि उनके दावे स्पष्ट रूप से असत्य हैं और अफसोस की बात है कि ब्रैनसन को तंगाराजू के मामले पर अधिक जानकारी ले लेनी चाहिए। ऐसा लगता है कि उन्हें सिंगापुर की अदालतों की तुलना में मामले के बारे में अधिक पता है। इस मामले की तीन साल पूरी तरह से और व्यापक रूप से जांच हुई है।
ब्रैनसन के अलावा सिंगापुर में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल और ऑस्ट्रेलियाई सांसद ग्राहम पेरेट ने भी बयान जारी किए थे। सिंगापुर में दुनिया के कुछ सबसे सख्त नशीले पदार्थ विरोधी कानून हैं। इस देश का मानना है कि मौत की सजा तस्करी के खिलाफ एक प्रभावी उपाय बनी हुई है।
