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सिंगापुर ने भारतीय मूल के शख्स को फांसी पर लटकाया, 1 किलो भांग की तस्करी का था आरोप

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 26, 2023, 11:29 AM IST

सिंगापुर के 46 वर्षीय तंगाराजू सुप्पैया को आज चांगी जेल परिसर में फांसी दी गई। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय द्वारा अपील भी सिंगापुर ने अनसुनी कर दी।

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भारतीय मूल के शख्स को फांसी

Photo : ANI

एक किलो भांग की तस्करी करने के आरोप में सिंगापुर ने भारतीय मूल के एक शख्स को फांसी पर लटका दिया। संयुक्त राष्ट्र की अपील और अंतरराष्ट्रीय अपील को खारिज करते हुए सिंगापुर ने बुधवार को एक किलोग्राम भांग की तस्करी की साजिश रचने के दोषी कैदी को फांसी दे दी। सिंगापुर में नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में 46 वर्षीय भारतीय मूल के तंगाराजू सुप्पैया को मौत की सजा दे दी गई।

2018 में सुनाई गई थी मौत की सजा

तंगाराजू को 9 अक्टूबर 2018 को सिंगापुर में 1 किलो से अधिक भांग की तस्करी के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। सिंगापुर जेल सेवा के एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि सिंगापुर के 46 वर्षीय तंगाराजू सुप्पैया को आज चांगी जेल परिसर में फांसी दी गई।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय द्वारा अपील के बावजूद आरोपी को फांसी दे दी गई। जिनेवा स्थित ग्लोबल कमीशन ऑन ड्रग पॉलिसी के सदस्य ब्रिटिश टाइकून रिचर्ड ब्रैनसन ने सोमवार को अपने ब्लॉग पर लिखा कि गिरफ्तारी के समय तंगाराजू ड्रग्स के आस-पास भी नहीं था और हो सकता है कि सिंगापुर एक निर्दोष व्यक्ति को फांसी पर चढ़ा दे।

सिंगापुर का अरबपति ब्रैनसन पर निशाना

सिंगापुर के गृह मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सिंगापुर के एक नागरिक को मृत्युदंड पर ब्रैनसन के विचार देश के न्यायाधीशों और आपराधिक न्याय प्रणाली का अपमान है। मंत्रालय ने अरबपति ब्रैनसन के पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि उनके दावे स्पष्ट रूप से असत्य हैं और अफसोस की बात है कि ब्रैनसन को तंगाराजू के मामले पर अधिक जानकारी ले लेनी चाहिए। ऐसा लगता है कि उन्हें सिंगापुर की अदालतों की तुलना में मामले के बारे में अधिक पता है। इस मामले की तीन साल पूरी तरह से और व्यापक रूप से जांच हुई है।

ब्रैनसन के अलावा सिंगापुर में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल और ऑस्ट्रेलियाई सांसद ग्राहम पेरेट ने भी बयान जारी किए थे। सिंगापुर में दुनिया के कुछ सबसे सख्त नशीले पदार्थ विरोधी कानून हैं। इस देश का मानना है कि मौत की सजा तस्करी के खिलाफ एक प्रभावी उपाय बनी हुई है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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