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बीजिंग में जिनपिंग से मिले शहबाज, दोनों देशों ने एक-दूसरे की 'अटूट मित्रता' को सराहा

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार शरीफ ने अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता के लिए चीन के समर्थन की सराहना की और कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर राष्ट्रपति चिनफिंग द्वारा दिये गये चार प्रस्ताव शांति हासिल करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

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चीन के राष्ट्रपति से मिलते शहबाज शरीफ।

Photo : AP

Shehbaz Sharif : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की। चिनफिंग ने चीन और पाकिस्तान के बीच ‘अटूट’ मित्रता की प्रशंसा की और कहा कि पाकिस्तान ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभाने की जो पहल की है, वह सराहनीय है। ‘डॉन’ समाचार पत्र की खबर के अनुसार ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में हुई बैठक के दौरान, शी चिनफिंग ने शहबाज को ‘पुराना मित्र’ बताया और कहा कि दोनों देशों ने दशकों से एक-दूसरे को समझा, भरोसा किया और समर्थन दिया है जिससे उनके बीच ‘अटूट मित्रता’ बनी है।

आसिम मुनीर भी थे साथ

चिनफिंग ने शहबाज से कहा, ‘चीन पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने में मध्यस्थता की भूमिका निभाने की पहल के लिए पाकिस्तान की सराहना करता है।’ शहबाज के साथ पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी थे। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार शरीफ ने अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता के लिए चीन के समर्थन की सराहना की और कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर राष्ट्रपति चिनफिंग द्वारा दिये गये चार प्रस्ताव शांति हासिल करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

प्रधानमंत्री ली क्विंग के साथ बातचीत की

इससे पहले, शहबाज ने प्रधानमंत्री ली क्विंग के साथ बातचीत की और इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के जारी प्रयासों में इस्लामाबाद और बीजिंग से एक साथ आने का आह्वान किया। ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में ली के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता के दौरान शहबाज ने कहा कि ‘दुनिया इस समय बहुत ही नाजुक दौर से गुजर रही है।’ शहबाज ने कहा, ‘खाड़ी क्षेत्र में संकट है और पाकिस्तान ने अमेरिका तथा ईरान के बीच मध्यस्थता करने में बहुत रचनात्मक भूमिका निभाई है।’

उन्होंने कहा कि फील्ड मार्शल मुनीर हाल में ईरान से लौटे थे। शनिवार को चार दिवसीय दौरे पर चीन पहुंचे शहबाज ने कहा, ‘मुनीर इस महत्वपूर्ण अवसर को खोना नहीं चाहते थे और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वह इस बैठक में मेरे साथ शामिल होंगे।’उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख ने ‘ईरानी नेतृत्व और अमेरिकी नेतृत्व के साथ लगातार संवाद स्थापित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई’।

राजनयिक संबंधो के 75 वर्ष

उन्होंने कहा, ‘हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि शांति हमेशा के लिए बहाल हो जाए, और इस दिशा में काफी प्रगति हो चुकी है। चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।’ शहबाज ने शांति को बढ़ावा देने और युद्धविराम हासिल करने के लिए पाकिस्तान को दिए गए ‘समर्थन’के लिए राष्ट्रपति चिनफिंग और चीनी नेतृत्व को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यह यात्रा ‘इतिहास के एक महत्वपूर्ण मोड़’पर हो रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देश ‘हमारी गौरवशाली मित्रता और राजनयिक संबंधों’के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।

दोनों नेताओं ने सभी मुद्दों पर अपना समर्थन दोहराया

‘डॉन’ ने एक आधिकारिक बयान का हवाला देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज ने इस बात की पुष्टि की कि पाकिस्तान-चीन की रणनीतिक सहयोगात्मक साझेदारी पाकिस्तान की विदेश नीति का आधार बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ‘अटूट मित्रता’आपसी विश्वास, रणनीतिक भरोसे और शांति, विकास और समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। दोनों नेताओं ने ‘दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण सभी मुद्दों पर अपना समर्थन दोहराया’।

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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