1.5 साल में कीव ने तैयार किया प्लान, अब सैटेलाइट तस्वीरों में दिख रहा रूसी सैन्य अड्डे का भयावह मंजर
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Jun 4, 2025, 11:21 PM IST
Russia Ukraine War: सैटेलाइट तस्वीरों में पूर्वी साइबेरिया स्थित उस रूसी वायुसेना के अड्डे पर सात बमवर्षक विमानों को क्षतिग्रस्त स्थिति में देखा जा सकता है, जिसके बारे में यूक्रेन ने दावा किया था कि उसके ड्रोन हमले में इस अड्डे को भी निशाना बनाया गया था। इस बीच, जेलेंस्की ने बुधवार को पश्चिमी देशों से वायु रक्षा प्रणाली की मांग की।
सैटेलाइट तस्वीरों में रूसी सैन्य अड्डे पर नष्ट हुए बमवर्षक विमान दिखाई दिए
Russia Ukraine War: सैटेलाइट तस्वीरों में पूर्वी साइबेरिया स्थित उस रूसी वायुसेना के अड्डे पर सात बमवर्षक विमानों को क्षतिग्रस्त स्थिति में देखा जा सकता है, जिसके बारे में यूक्रेन ने दावा किया था कि उसके ड्रोन हमले में इस अड्डे को भी निशाना बनाया गया था।
योजना बनाने में लगा डेढ़ साल से ज्यादा समय
यूक्रेन ने दावा किया है कि रविवार के ड्रोन हमले में 41 रूसी युद्धक विमान नष्ट हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए थे। इन विमानों में बमवर्षक और अन्य प्रकार के लड़ाकू विमान शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान की योजना लगभग डेढ़ साल से अधिक समय से बनाई जा रही थी।
प्लैनेट लैब्स पीबीसी द्वारा उपलब्ध कराई गई सैटेलाइट तस्वीरों में बेलाया वायु सेना अड्डे पर विमान का मलबा और जला हुआ क्षेत्र देखा जा सकता है। तस्वीरों में कम से कम तीन ‘टीयू-95 बमवर्षक’ और चार ‘टीयू-22एम बमवर्षक’ नष्ट हुए दिखाई दे रहे हैं। विमान घास के मैदान से घिरे रनवे के पास खड़े थे। हालांकि, अड्डे पर मौजूद अन्य विमान सुरक्षित दिखाई दे रहे हैं।

रूसी सैन्य अड्डे पर मौजूद बमवर्षक विमान
यूक्रेन ने वायु रक्षा प्रणाली की मांग की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार को पश्चिमी देशों से आग्रह किया कि वे रूसी मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए वायु रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति में तेजी लाएं और हथियारों के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करें। जेलेंस्की ने ब्रसेल्स स्थित नाटो मुख्यालय में यूक्रेन रक्षा संपर्क समूह की बैठक में कहा कि अमेरिका निर्मित पैट्रियट प्रणालियों पर जोर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से कहा कि रूस को उसके मिसाइल हमलों और आतंक को रोकने के लिए मजबूर करने का यह सबसे प्रभावी तरीका है। जेलेंस्की ने लगभग 50 देशों के प्रतिनिधियों से पिछले वादों को पूरा करने का आग्रह किया।