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1996 श्रीनगर हिंसा मामले में हुर्रियत के 6 बड़े नेताओं पर NIA की चार्जशीट, शब्बीर शाह समेत कई अलगाववादी का नाम

Jammu Kashmir: 30 साल पुराने 1996 श्रीनगर हिंसा मामले में NIA ने छह वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। हालांकि इनमें से तीन की मौत हो चुकी है।

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शब्बीर शाह के खिलाफ NIA की चार्जशीट (फोटो- ANI)

Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर के अलगावादी नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शिकंजा और टाइट कर दिया है। करीब 30 साल पुराने 1996 श्रीनगर हिंसा मामले में NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के छह वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में शब्बीर अहमद शाह का नाम भी शामिल हैं, जिसपर पहले से भी कई गंभीर आरोपों में मामले दर्ज हैं।

NIA चार्जशीट में किस-किसका नाम?

NIA ने जम्मू की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में शब्बीर अहमद शाह, सैयद अली शाह गिलानी, अब्दुल गनी लोन, मोहम्मद याकूब वकील, जावेद अहमद मीर और शकील अहमद बख्शी को आरोपी बनाया है। इन सभी पर आपराधिक साजिश, हत्या की कोशिश, दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 13 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

तीन की हो चुकी है मृत्यु

सैयद अली शाह गिलानी, अब्दुल गनी लोन और मोहम्मद याकूब वकील की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई है। फिर भी NIA का कहना है कि जांच में इनकी साजिश में भूमिका के पर्याप्त सबूत मिले हैं।

मामला क्या है?

NIA के मुताबिक, 17 जुलाई 1996 को श्रीनगर के नाज क्रॉसिंग पर आतंकी हिलाल अहमद बेग के जनाजे के दौरान इन नेताओं ने भीड़ का नेतृत्व किया था। आरोप है कि उन्होंने लोगों को उकसाया, जिसके बाद हिंसा भड़क गई। जांच में सामने आया है कि जनाजे की भीड़ में हथियारबंद आतंकी भी शामिल थे। आतंकियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पथराव में सरकारी वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। भीड़ ने भारत विरोधी, पाकिस्तान समर्थक और अलगाववादी नारे लगाए। नेताओं ने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देकर सशस्त्र संघर्ष के लिए लोगों को उकसाया।

पहले से रची गई थी साजिश

NIA के मुताबिक यह हिंसा पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। जनाजे का इस्तेमाल अलगाववादी विचारधारा फैलाने, सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने और जम्मू-कश्मीर में हुर्रियत की ताकत दिखाने के लिए किया गया था। इस मामले में 17 जुलाई 1996 को श्रीनगर के शेरगढ़ी थाने में FIR दर्ज हुई थी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर अप्रैल 2026 में NIA ने जांच अपने हाथ में ली। मामले की जांच अभी भी जारी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्रा author

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं।... और देखें

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