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पांचवी बार राष्ट्रपति बनते ही पुतिन ने लिया बड़ा फैसला, यूक्रेन से जंंग के बीच बदल दिया रक्षा मंत्री

Russian President Vladimir Putin: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने निकोलाई पेत्रुशेव की जगह सर्गेई शोइगु को रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। रूस के राष्ट्रपति के आवासीय परिसर क्रेमलिन ने रविवार को यह जानकारी दी गई है। वहीं, आंद्रेई बेलेआउ को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है।

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

Photo : AP

Russian President Vladimir Putin: पांचवी बार रूस का राष्ट्रपति बनते ही व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा फैसला लिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच उन्होंने अपने रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु को पद से हटा दिया है। उनकी जगह आंद्रेई बेलेआउ को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। बता दें, बेलेसाउ रूस के उपप्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। क्रेमलिन की ओर से मिले संकेतों में कहा गया है कि पुतिन ने शर्गेई शोइगु को रक्षामंत्री पद से इसलिए मुक्त किया है क्योंकि वह उन्हें शक्तिशाली सुरक्षा परिषद के सचिव के पद पर नियुक्त करना चाहते थे।

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने निकोलाई पेत्रुशेव की जगह सर्गेई शोइगु को रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। रूस के राष्ट्रपति के आवासीय परिसर क्रेमलिन ने रविवार को यह जानकारी दी गई है। यह नियुक्ति पुतिन द्वारा शोइगु के स्थान पर आंद्रेई बेलौसोव को देश के रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव रखे जाने के बाद की गई है। शोइगु ने वर्षों तक रक्षा मंत्री के तौर पर काम किया।

पुतिन ने फैसले से चौंकाया

पुतिन ने रक्षामंत्री की नियुक्ति को लेकर अपने फैसले से सभी को चौंका दिया है। दरअसल, उन्होंने अर्थशास्त्र के दिग्गज आंद्रेई बेलौसोव को रक्षामंत्री नियुक्त किया है, जिनके पास सैन्य अनुभव न के बराबर है। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि रक्षामंत्री के पद पर एक अर्थशास्त्री का होना क्रेमलिन की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है। दरअसल, दो साल से यूक्रेन से जंग लड़ रहे रूस की अर्थव्यवस्था पर बड़ी मार पड़ी है, ऐसे में क्रेमलिन एक बार फिर से इस क्षेत्र को संगठित करना चाहता है। इसके साथ ही यूक्रेन युद्ध में सैन्य खर्च को भी कम करना चाहता है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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