नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ और भीषण प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। संकट की इस गंभीर घड़ी में भारत ने अपने पड़ोसी धर्म को निभाते हुए तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया है। नेपाल के रसुवा जिले और आसपास के इलाकों में बिगड़े हालात से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के परिवहन विमानों को तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, राहत सामग्री की 37.5 टन की दूसरी खेप नेपाल प्रशासन को सौंप दी गई है। इसमें आपातकालीन दवाएं, खाद्य पैकेट और मानवीय सहायता सामग्री (HADR) शामिल है। इससे पहले बुधवार को भी भारत ने 10 टन जरूरी राहत सामग्री भेजी थी। संकट के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर जान-माल के भारी नुकसान पर गहरा दुख जताया। पीएम मोदी ने नेपाल को पूरा भरोसा दिलाया कि भारत इस कठिन समय में अपने पड़ोसी देश के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
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जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूतों के साथ की बैठक
आपदा की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूतों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं। भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है।
अब तक 162 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता
नेपाल में आई इस भयावह त्रासदी में अब तक 162 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि लगभग 300 भारतीय पर्यटकों सहित सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। नेपाली अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का पूरा आकलन करने और मलबे से लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
