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Russia-Ukraine: 'नाटो में शामिल होने की मांग छोड़ सकता हूं, लेकिन जमीन नहीं दूंगा'; जेलेंस्की ने खारिज किया ट्रंप का प्रस्ताव

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रुस से समझौते के लिए अमेरिकी दबाव के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे सुरक्षा गारंटी के लिए नाटो में शामिल होने की मांग छोड़ सकते हैं। हालांकि इस दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिकी प्रस्ताव पर अपना कोई भी क्षेत्र रूस को सौंपने से साफ इनकार कर दिया।

पुतिन-जेलेंस्की

पुतिन-जेलेंस्की।

तीन साल से भी ज्यादा समय से जारी रूस यूक्रेन के बीच जंग को खत्म करवाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पूरा जोर लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अमेरिकी प्रस्ताव में शामिल एक मांग को खारिज कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि वे अपने देश की नाटो में शामिल होने की मांग छोड़ने को तैयार हैं, अगर पश्चिमी देशों की ओर से कानूनी सुरक्षा गारंटी दी जाए। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के उस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया जिसमें यूक्रेन को रूस को कुछ क्षेत्र सौंपने की बात की गई थी।

अमेरिकी अधिकारियों से बात करने बर्लिन आए थे जेलेंस्की

जेलेंस्की बर्लिन में अमेरिकी प्रतिनिधियों से युद्ध समाप्त करने को लेकर बातचीत करने आए थे। यहां वे अमेरिकी प्रतिनिधि स्टिव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरड कूशनर से मिलेंगे। इसके साथ ही जेलेंस्की की कई यूरोपीय नेताओं से भी मुलाकातें तय हैं।

सुरक्षा गारंटी का प्रस्ताव

इसी दौरान जेलेंस्की ने कहा कि चूंकि अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों ने नाटो में शामिल होने की उनकी मांग खारिज कर दी है, ऐसे में वे चाहते हैं कि पश्चिमी देश यूक्रेन को नाटो सदस्यों जैसी सुरक्षा गारंटी दें। उन्होंने कहा कि ये सुरक्षा गारंटी रूस के नए आक्रमण को रोकने का एक मौका होगी। यह हमारी ओर से एक समझौता भी है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यह गारंटी कानूनन होनी चाहिए केवल मुंहजबानी नहीं, और इसे अमेरिकी कांग्रेस का भी समर्थन हो।

रूस को जमीन देने से साफ इनकार

हालांकि इस दौरान जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रस्ताव में शामिल डोनेट्स्क क्षेत्र के कुछ हिस्सों को रूस को सौंपने वाली मांग खारिज कर दी। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका ने उन्हें डोनेट्स्क में एक अर्धसैनिक मुक्त आर्थिक क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव दिया था। यह मानने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा अगर यूक्रेनी सैनिक 5-10 किलोमीटर पीछे हटते हैं, तो रूस के सैनिक क्यों पीछे नहीं हटेंगे? यह निष्पक्ष नहीं है। सही विकल्प यही है कि हम जहां हैं वहीं रहें।

वहीं, दूसरी ओर रूस के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने भी कहा है कि अगर डोनेट्स्क को डिमिलिटराइज्ड जोन बनाया भी गया, तो रूसी पुलिस और राष्ट्रीय गार्ड वहां रहेंगे।

रूस के हमले लगातार जारी

वहीं, रूस इस शांति प्रस्ताव पर वार्ता के बीच भी यूक्रेन पर लगातार हवाई हमले कर रहा है। रूस ने रात में बैलिस्टिक मिसाइलें और 138 ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी सेना ने बताया कि इनमें से 110 ड्रोन और मिसाइलें रोक दी गईं, लेकिन छह जगहों पर हमला हुआ।

जेलेंस्की ने कहा कि पिछले सप्ताह रूस ने 1,500 से अधिक स्ट्राइक ड्रोन, 900 गाइडेड बम और 46 मिसाइलें दागी हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को उचित शर्तों पर शांति चाहिए और हम कूटनीति में पूरी तरह से सहयोग करने को तैयार हैं।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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