सैन फ्रांसिस्को से रवाना हुए एक लक्जरी क्रूज शिप (समुद्री जहाज) पर सवार 125 यात्री और क्रू मेंबर्स एक बेहद संक्रामक पेट के वायरस की चपेट में आ गए। अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, 'प्रिंसेस क्रूजेस' कंपनी के इस जहाज 'रूबी प्रिंसेस' के सैन फ्रांसिस्को बंदरगाह पर रुकने के बाद इस बड़े पैमाने पर फैले संक्रमण का खुलासा हुआ।
अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) ने बताया कि यह जहाज सैन फ्रांसिस्को से कनाडा और अलास्का की 20 दिनों की यात्रा पर था, जिस दौरान जहाज पर सवार 102 यात्री और 23 क्रू मेंबर्स 'नोरोवायरस' (Norovirus) से संक्रमित हो गए। इस क्रूज पर कुल 3,032 यात्री और 1,144 क्रू मेंबर्स सवार थे।
बेहद संक्रामक है नोरोवायरस
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नोरोवायरस एक बेहद संक्रामक वायरस है जो आमतौर पर दूषित भोजन, पानी या किसी संक्रमित सतह को छूने से बहुत तेजी से फैलता है, खासकर क्रूज जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर। इस वायरस के संक्रमण से अचानक उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जो आमतौर पर तीन दिनों तक रह सकते हैं। हालांकि आम लोगों के लिए यह कुछ ही दिनों की बीमारी है, लेकिन पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों, छोटे बच्चों और 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए यह वायरस बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
क्रूज कंपनी ने शुरू किया विशेष सफाई अभियान
सीडीसी (CDC) ने बताया कि 12 जून को रवाना हुए इस जहाज पर संक्रमण फैलने की जानकारी उन्हें यात्रा के दौरान ही मिल गई थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी संक्रमित लोग एक साथ बीमार नहीं पड़े। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रूज कंपनी 'प्रिंसेस क्रूजेस' ने एक बयान में कहा कि जहाज के कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे क्रूज पर 'कड़े स्वच्छता नियम' लागू कर दिए हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि जहाज को अपनी अगली यात्रा पर रवाना करने से पहले पूरी तरह से साफ और सैनिटाइज किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस साल क्रूज जहाजों पर बीमारी फैलने के ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर के पीछे नोरोवायरस ही मुख्य वजह रहा है।
