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EXPLAINER: 85 मेडल, 41 नए सितारों का जलवा: कैसे नागोया में चमका भारत का भविष्य?

आइची नागोया (जापान) में आयोजित एशियाई खेल 2026 भारत के खेल इतिहास में नए बदलाव के रूप में दर्ज हो चुका है। इस बार भारतीय दल की सबसे बड़ी खासियत पुराने दिग्गजों की मौजूदगी के साथ-साथ युवाओं और पहली बार हिस्सा ले रहे (डेब्यू करने वाले) खिलाड़ियों का धमाकेदार प्रदर्शन रहा। नए खिलाड़ियों ने बिना उम्र और दबाव को पीछे छोड़ जब पोडियम पर जगह बनाई तो 'उगते सूरज के देश' में भारत का नया सवेरा दिख गया।

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एशियन गेम्स में भारतीय डेब्यूटेंट एथलीटों ने काटा गदर।
Authored by: उमेश कुमार
Updated Oct 4, 2026, 08:08 IST
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आइची नागोया (जापान) में आयोजित एशियाई खेल 2026 भारत के खेल इतिहास में नए बदलाव के रूप में दर्ज हो गया। यूं तो जापान को 'उगते सूरज का देश' (Nation of The Rising Sun) कहा जाता है, लेकिन एशियन गेम्स के दौरान भारत के खेल इतिहास के सुनहरे भविष्य का उदय हुआ। भारत ने नागोया में 85 मेडल जीते। खास बात यह रही कि इनमें से 41 मेडल नए खिलाड़ियों (डेब्यू करने वाले) ने जीते। यानी की भारत की तरफ से पहली बार एशियन गेम्स खेलने वाले युवा खिलाड़ियों ने उम्र और दबाव को पीछे छोड़ इतिहास रचा।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के डाटा के अनुसार, भारत ने 36 खेलों में 495 एथलीटों का दल आइची नागोया भेजा। भारत 85 मेडल लेकर लौटा, जिसमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल रहे। भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का दूसरा सबसे बड़ा मेडल टैलेंट है। इससे पहले एशियन गेम्स 2022 में भारत ने 28 गोल्ड मेडल के साथ कुल 107 मेडल जीते थे। इस बार खास बात यह रही कि भारत के 83 नए खिलाड़ियों (43 महिला और 40 मेंस) ने मेडल पोडियम पर जगह बनाई और इन सभी ने मिलकर 41 मेडल जीते।

Team India Win Gold. Photo- BCCI

Team India Win Gold. Photo- BCCI

डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों का जलवा

इस टूर्नामेंट में सबसे बड़ा सरप्राइज भारत की नई पीढ़ी का रहा। भारत के 83 नए खिलाड़ियों (43 महिला और 40 मेंस) ने मेडल पोडियम पर जगह बनाई। भारत के कुल 85 में से 41 मेडल अकेले इन नए खिलाड़ियों के खाते में आए।

Asian Games 2026 Medal Tally.

Asian Games 2026 Medal Tally.

किन-किन खेलों में दिखा नए चेहरों का दबदबा?

तीरंदाजी (Archery): तीरंदाजी में हिस्सा लेने वाले सभी 9 नए खिलाड़ियों ने मेडल जीता।

कबड्डी (Kabaddi): मेंस और विमेंस दोनों टीमों ने गोल्ड जीता और टीम में शामिल सभी 15 नए खिलाड़ियों को मेडल मिला।

महिला क्रिकेट (Women Cricket): गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम में 10 खिलाड़ी नई थीं।

शूटिंग और एथलेटिक्स: शूटिंग में 13 और एथलेटिक्स में 14 नए खिलाड़ियों ने मेडल जीते।

एक से ज्यादा मेडल जीतने वाले डेब्यूटेंट-

कुमकुम: दो गोल्ड और एक सिल्वर।

नीरू ढांडा: दो गोल्ड और एक सिल्वर।

पृथिका प्रदीप: तीरंदाजी में दो गोल्ड मेडल।

साहिल राजेश जाधव: तीरंदाजी में दो गोल्ड मेडल।

थिरुमुरु गणेश मणिरत्नम: एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज।

हिमांशु ढिल्लों: शूटिंग में दो सिल्वर मेडल।

विदरसा के विनोद: दो सिल्वर मेडल।

महिला क्रिकेट गोल्ड मेडल टीम में पहली बार खेलने वाली दस खिलाड़ी-

  • प्रतीक रावल
  • भारती फुलमाली
  • जी कमलिनी
  • श्री चरणी
  • श्रेयंका पाटिल
  • राधा यादव
  • अरुंधति रेड्डी
  • रेणुका ठाकुर
  • क्रांति गौड़
  • नंदनी शर्मा

भारत ने मेंस और विमेंस कबड्डी, दोनों के मुकाबलों में गोल्ड जीता। दोनों टीमों में हर नए खिलाड़ी ने मेडल जीता। महिलाओं की गोल्ड जीतने वाली टीम में भावना देवी, रितु, संजू देवी, मनीषा कुमारी, निकिता, पिंकी रॉय और राज रानी पहली बार खेल रही थीं। वहीं, मेंस टीम में राहुल, गौरव खत्री, अंकित, जयदीप, आशु मलिक, देवांक, अयान और सुमित शामिल थे। इन युवा खिलाड़ियों ने अपने दमदार खेल का परिचय दिया।

India Women Cricket Team. Photo- BCCI

India Women Cricket Team. Photo- BCCI

जो पहले कभी नहीं किया था, वो भी हुआ

नागोया में भारत ने उन इवेंट्स में भी मेडल जीते, जिनमें वह पहले कभी एशियन गेम्स के पोडियम पर नहीं पहुंचा था।

सुचिका तारियाल: MMA में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल, महिलाओं की ट्रेडिशनल अंडर-60kg कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल।

जय मीणा: सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल, मेंस सिंगल्स में ब्रॉन्ज।

महेश्वरी चौहान, परिनाज धालीवाल और राइजा ढिल्लों, शूटिंग: महिलाओं के स्कीट टीम इवेंट में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल, ब्रॉन्ज।

परिनाज धालीवाल और अनंतजीत सिंह नरुका, शूटिंग: स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल, ब्रॉन्ज।

सतनाम सिंह और सलमान खान, रोइंग: मेंस की डबल स्कल्स में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल, एक ब्रॉन्ज।

बारानिका एलंगोवन, एथलेटिक्स: महिलाओं की पोल वॉल्ट में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल, ब्रॉन्ज।

नेत्रा कुमानन, सेलिंग: महिलाओं के डिंगी इवेंट में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल।

भारत, सेपक टकरा: मेंस के क्वाड्रेंट इवेंट में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल।

पहली बार जीता गोल्ड और सिल्वर मेडल

कमलजीत और सुरुचि सिंह, शूटिंग: 10m एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड।

कायनन चेनाई और नीरू ढांडा, शूटिंग: ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड।

अंकिता भक्त, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोद, तीरंदाजी: महिला रिकर्व टीम इवेंट में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड।

धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद, तीरंदाजी: रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का पहला सिल्वर।

लवलीना बोरगोहेन, बॉक्सिंग: महिलाओं की 75kg कैटेगरी में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड।

अनाहत सिंह, स्क्वैश: एशियन गेम्स के विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल, इस इवेंट में भारत का पहला मेडल।

नाओरेम रोशिबिना देवी, वुशु: लगातार तीसरे एशियन गेम्स मेडल ने उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय बना दिया।

प्रणवी उर्स, गोल्फ: एशियन गेम्स में इंडिविजुअल गोल्फ गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला। उन्होंने पहले ही अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर महिला टीम इवेंट में भारत को सिल्वर दिलाने में मदद की थी।

एशियन गेम्स 2026 ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय खेल अब सिर्फ चंद स्थापित नामों पर निर्भर नहीं हैं। 83 नए पदक विजेताओं के उभरने से यह साफ है कि भारत का खेल भविष्य सुरक्षित और बेहद स्वर्णिम हाथों में है।

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