Putin Praise PM Modi: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिसंबर की शुरुआत में होने वाली अपनी भारत यात्रा को लेकर उत्सुकता जताई है और सरकार को आदेश दिया है कि वो भारत के साथ कच्चे तेल के साथ व्यापार असंतुलन को कम करने के उपाय करे। बता दें कि रूस से बड़ी तादाद में कच्चा तेल भारत आयात होता है। कच्चे तेल के व्यापार की वजह से ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी सेकेंडरी टैरिफ लगाया है।
गुरुवार शाम दक्षिण रूस के सोची स्थित काला सागर रिसॉर्ट में भारत समेत 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच में बोलते हुए पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस और भारत के बीच कभी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा है और दोनों ने हमेशा अपनी-अपनी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए हैं। रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "भारत के साथ हमारी कभी कोई समस्या या अंतरराज्यीय तनाव नहीं रहा। कभी नहीं।"

राष्ट्रपति पुतिन ने की ट्रंप टैरिफ की आलोचना।(फोटो सोर्स: AP)
पुतिन ने की ट्रंप टैरिफ की आलोचना
ट्रंप टैरिफ की आलोचना करते हुए पुतिन ने कहा कि भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ नाकाम होंगे। साथ ही कहा कि भारत और चीन ऐसे देश हैं, जो स्वाभिमानी हैं। भारतीय लोग कभी भी किसी के सामने अपमान स्वीकार नहीं करेंगे। मैं प्रधानमंत्री मोदी को जानता हूं, वे कभी ऐसे कदम नहीं उठाएंगे।
मोदी सरकार की तारीफ में क्या कहा?
पुतिन ने सोवियत संघ के दिनों से जब भारत अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहा था, रूस-भारत संबंधों की "विशेष" प्रकृति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "भारत में वे इसे याद रखते हैं, वे इसे जानते हैं और इसे महत्व देते हैं। हम इस बात की तारीफ करते हैं कि भारत इसे नहीं भूला है।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वे उनके साथ भरोसेमंद बातचीत में सहज महसूस करते हैं। पुतिन ने पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादी सरकार की तारीफ की और उन्हें एक "संतुलित, बुद्धिमान" और "राष्ट्रीय हितैषी" नेता बताया।
भारत से और ज्यादा दवाइयां खरीद सकता है रूस
उन्होंने कहा, "भारत में हर कोई ये बात अच्छी तरह जानता है," खासकर रूस से तेल आयात रोकने के अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करने के भारत के फैसले के बारे में। पुतिन ने कहा, "अमेरिका के दंडात्मक शुल्कों के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी, साथ ही उसे एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी।"
उन्होंने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से और ज्यादा कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है। पुतिन ने कहा, "भारत से और ज्यादा कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। औषधीय उत्पादों और दवाइयों के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं।"

पुतिन ने यूरोपीय जनता से की खास अपील।(फोटो सोर्स: AP)
पुतिन ने यूरोपीय देशों पर साधा निशाना
वाल्डई क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान पुतिन ने यूरोपीय नेताओं पर भी करारा हमला बोला और आरोप लगाया कि वे 'युद्ध उन्माद' फैला रहे हैं और NATO पर रूस के आक्रमण की झूठी आशंकाएं गढ़ रहे हैं। उन्होंने इसे 'हवा में से निकाली गई बकवास' बताया और चेतावनी दी कि किसी भी उकसावे पर रूस की प्रतिक्रिया 'कड़ी और निर्णायक' होगी।
हिस्टीरिया फैलाते जा रहे यूरोपीय नेता: पुतिन
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पश्चिम बार-बार रूस को काल्पनिक दुश्मन के रूप में गढ़ता है और यूरोप को अपने ही हितों के खिलाफ नीतियां अपनाने पर मजबूर करता है।
पुतिन ने आगे कहा कि यूरोप के लोग समझ नहीं पा रहे कि रूस इतना बड़ा खतरा कैसे है कि उन्हें अपनी कमर कसनी पड़े और अपने हितों की बलि देनी पड़े, लेकिन यूरोपीय नेता लगातार हिस्टीरिया फैलाते जा रहे हैं। वे बार-बार कहते हैं कि ‘रूस के साथ युद्ध होने वाला है’. क्या उन्हें इस बात पर खुद भी भरोसा है? क्या रूस NATO पर हमला करने वाला है? यह पूरी तरह असंभव है।
रूसी राष्ट्रपति ने यूरोपीय नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि या तो ये लोग अयोग्य हैं, या जानबूझकर झूठ बोल रहे हैं ताकि अपने नागरिकों को गुमराह कर सकें. उन्होंने कहा कि मैं यूरोप से कहना चाहता हूं कि शांत हो जाइए, आराम से रहिए और अपनी समस्याओं पर ध्यान दीजिए।
